राजमहल : हाल के दस वर्षों में राजमहल व उधवा का इलाका सोना व जाली नोट की तस्करी के लिए प्रख्यात हो गया है. इसके तस्कर इतने शातिर होते हैं कि किसी को कानों तक खबर तक नहीं होती. पूरे देश में फैले इस इलाके के सैकड़ों चोर अपना चोरी का माल यहां जमा करते हैं.
इसके बाद उसे तस्करों के जरिये अन्य जगहों को बेच देते हैं. इसी तरह जाली नोट का भी धंधा खूब होता है. कभी-कभी जाली नोट के धंधेबाज भी पकड़े गये, या तो उसे सेटिंग, गेटिंग कर छोड़ दिया जाता है या फिर खानापूर्ति कर ली जाती है. इन तस्करों को पीके गिरोह का पूरा बरदहस्त है. तस्कर जो चाहते हैं इस गिरोह के सहारे करवा लेते हैं, बदले में सलामी के तौर पर कुछ राशि दी जाती है.
सफेदपोश बनकर घूम रहे नकाबपोश
इस धंधे में यहां के कई शख्स ऐसे हैं जो रातों रात खाकपति से करोड़पति हो गये. जो कल बीपीएलधारक हुआ करते थे वे आज करोड़ों में बाजी लगा रहे हैं. कई ने तो राजनीतिक दल का दामन भी थाम रखा है. थोड़ी मदद राजनीतिक गलियारे से भी मिल जाता है. पीके गिरोह को इस धंधे से करोड़ों हर माह आते हैं.
जाली नोट खपाने के लिए हुई सेटिंग
सूत्रों की मानें तो राजमहल इलाके के एक बैंक में एक ग्राहक रुपये जमा करने आया. लेकिन बैंक वालों ने इसे जाली नोट करार दे दिया. यह नोट लाखों में था. लेकिन जब तक बैंक वाले पुलिस को खबर कर पाते वो रफुचक्कर हो गया और कुछ सफेदपोशों ने इसकी सेटिंग गेटिंग कर मामले को रफा दफा कर दिया. इस मामले की अगुवाई भी पीके गिरोह के लोगों ने ही की थी.
अब सफेदपोश का नकाब हटायेगी पुलिस
जब से प्रभाकर मंडल पकड़ा गया है तब से पुलिस ताबड़तोड़ छानबीन में लग गयी है. पुलिस सूत्रों की मानें तो प्रभाकर व उसके गिरोह को सूचना देने वालों में राजमहल इलाके के कई सफेदपोश शामिल हैं. उन सबके नकाब जल्द ही पुलिस हटायेगी. प्रभाकर के पिता ने भी कहा था कि पीके गिरोह का नेटवर्क काफी तगड़ा है. लेकिन प्रभाकर की गिरफ्तारी के बाद वह कमजोर हो गया है. पुलिस अब असली पीके के पीछे लग गयी है.
महिलाएं भी शामिल हैं तस्करी में
जाली नोट व सोना के धंधे में महिलाओं को भी तस्करों ने शामिल कर रखा है. क्योंकि महिलाएं जब भी सोना व जाली नोट लेकर जाती हैं तो किसी को शक भी नहीं होता है. दो साल पहले राजमहल के वर्मन कॉलोनी के पास एक कलोनी देवी नामक महिला को पुलिस ने दो लाख के जाली नोट के साथ गिरफ्तार किया था.
उसे सहयोग देने वाले मंटू, महतो, सुदीन महतो व वकील महतो को भी पुलिस ने पकड़ लिया था. सभी जेल में बंद हैं. इस मामले में भी पीके गिरोह का हाथ होने की चर्चा जबरदस्त थी.
