साहिबगंज : शहर के चार किलोमीटर दूर साहिबगंज-बोरियो मार्ग पर अवस्थित अनुसूचित जनजाति आवासीय बालिका मध्य विद्यालय के बच्चों में पिछले चार दिनों से एक अज्ञात बीमारी फैल गयी है. इन बच्चों के चेहरे पर दर्जनों फुंसी फोड़े हो गये हैं. एक के बाद एक बच्चे इसकी चपेट में आ रहे हैं. इस बीमारी का कारण ना तो शिक्षक बता पा रहे हैं ना ही इनके अभिभावक.
प्रधानाध्यापिका सिफरा साह ने बुधवार को 14 छात्राओं को इलाज के लिए सदर अस्पताल भेजा है. हालांकि इन बच्चों के घाव पर पहले ही ब्लू रंग की दवा लगा दी गयी थी. बच्चों को अस्पताल लेकर आये कर्मचारी महेश पहाड़िया ने बताया कि पिछले चार पांच दिनों से विद्यालय के दो-तीन बच्चियों के चेहरे पर फोड़ा होना शुरू हुआ और धीरे-धीरे 20 छात्रा इस अनजान तरह की बीमारी से ग्रसित हो गई.
क्या कहते हैं चिकित्सक
इलाज कर रहे चिकित्सक डॉ रोशन खालको ने बताया कि बच्चियों को गरमी के कारण ये घाव हो रहे हैं. इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि विद्यालय में बच्चियों के लिए पंखा नहीं है. जिसके कारण इस तरह की बीमारी हो रही है.
कहती हैं पीड़ित छात्राएं
शिवानी बेसरा, मोनिका उरांव, सोमी बेसरा, बाले हांसदा, रेखा किस्कू वर्ग चार, स्मिता मुर्मू वर्ग एक, सुनीता पहाड़िया, रूची तिर्की, मेहक तिर्की, बीटी मुर्मू, बीटी सोरेन वर्ग दो, नीलमुनि मालतो वर्ग तीन, सूरज हेंब्रम, सुमा टुडू वर्ग पांच. छह छात्राएं इलाज के लिए जिला अस्पताल नहीं आयीं थीं.
