भूकंप के जद में आकर गिर सकते है शहर के कई जर्जर व पुराने भवन,2

संवाददाता साहिबगंज : शहर के कई जर्जर व पुराने भवन भूकंप के जद में आकर गिर सकते है. ऐसे कई भवन में शहर के विभिन्न हिस्सों में मौत को दावत दे रहा है. हालांकि नगर पर्षद ने ऐसे मकानों के मालिक को नोटिस भेज कर अपनी इतिश्री कर ली है. लेकिन कई सालों से इस […]

संवाददाता साहिबगंज : शहर के कई जर्जर व पुराने भवन भूकंप के जद में आकर गिर सकते है. ऐसे कई भवन में शहर के विभिन्न हिस्सों में मौत को दावत दे रहा है. हालांकि नगर पर्षद ने ऐसे मकानों के मालिक को नोटिस भेज कर अपनी इतिश्री कर ली है. लेकिन कई सालों से इस मकानों को तुडवाया नहीं गया है. शनिवार को भूकंप ने कई घरो के गिरने से पुराने भवनों के अस्तित्व पर सवाल खडा कर दिया है. भुकम्प आने की स्थिति में ये भवन लोगों की जिंदगी के लिए खतरा बन गया है. भूगर्भ वैज्ञानिकों की मानें तो जिस तरह से 7.5 तीव्रता से भूकंप आने पर ऐसे मकान पूरी तरह से ध्वस्त हो जाएंगे. इसके जद में आने वाले लोगों को जान से भी हाथ धोना पड सकता है. चिन्हित जगहों पर जर्जर भवन1. राजस्थान हाई स्कूल के समक्ष जर्जर मकान2. बादशाह चौक स्थित 1 नम्बर फांडी 3. तालबन्ना चर्च के बगल में स्थित मकान4. पुराने स्टेट बैंक के समक्ष मकान5 गांधी चौक के समक्ष जर्जर मकान6 . गर्ल्स स्कूल के समक्ष जर्जर मकान7. बधवा कुओं के निकट पुराना भवन सहित शहर में कई दजनों जर्जर मकान बडी दुर्घट्ना का कारण बन सकते है. क्या कहते है नप अध्यक्षसाहिबगंज: नगर पर्षद अध्यक्ष राजेश गोंड जर्जर मकानों को गिराना जनहित में मानते हैं उन्होंने कहाि क पुराने जर्जर मकान में रहना जिंदगी के साथ खिलवाड करना है. ऐसे मकानों में रहने वालों के साथ साथ आस पडोस को भी खतरा बना रहता है. उन्होंने कहा कि शहर में पुराने मकानों की जांच नप द्वारा कारवायी जाऐगी. खतरनाक मकानों के मकान मालिकों को इस संबंध में नोटिस आगाह किया जायेगा.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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