बाढ़ग्रस्त इलाकों में संक्रमण का खतरा

साहिबगंज : जिले में गंगा का जलस्तर स्थिर है तथा दो–तीन दिनों में जलस्तर में कमी आने की संभावना है. इससे बाढ़ग्रस्त इलाकों में पानी उतरने लगा है. इससे लोगों ने राहत की सांस ली है. इधर, पानी उतरने के साथ ही बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में संक्रमित बीमारियों के फैलने का खतरा मंडराने लगा है. इसे […]

साहिबगंज : जिले में गंगा का जलस्तर स्थिर है तथा दोतीन दिनों में जलस्तर में कमी आने की संभावना है. इससे बाढ़ग्रस्त इलाकों में पानी उतरने लगा है. इससे लोगों ने राहत की सांस ली है.

इधर, पानी उतरने के साथ ही बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में संक्रमित बीमारियों के फैलने का खतरा मंडराने लगा है. इसे लेकर जिला एवं अनुमंडल प्रशासन की ओर से पीड़ितों के लिए विभिन्न शिविरों में स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने के लिए शिविर लगाया गया है.

इस संबंध में प्रखंड विकास पदाधिकारी संदीप दुबे ने बताया कि वे इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग को लिखित रिपोर्ट कर वहां स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास करेंगे.बाढ़ से प्रभावित लोगों को अब भी पर्याप्त मात्र में राहत नहीं मिल सकी है. लोग बाढ़ के पानी में ही आवश्यक कार्य के लिए निकलते हैं.

केंद्रीय जल आयोग से अनुसार, साहिबगंज में गंगा खतरे के निशान से एक मीटर 45 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है और जलस्तर स्थिर है. इस बीच प्रशासन की ओर से राहत सहित अन्य सुविधा उपलब्ध कराने का कार्य चल रहा है. हालांकि लोगों को परेशानी अब भी बरकरार है. कोई लोग सड़क किनारे डेरा डाले हैं, तो कई लोग राहत शिविर में रह रहे हैं.

केंद्रीय जल आयोग के साहिबगंज कार्यालय इंचार्ज रंजीत कुमार मिश्र ने बताया कि साहिबगंज में गुरुवार को सुबह गंगा नदी खतरे के निशान से 29.09 सेंटीमीटर पर है, जिसे शुक्रवार की सुबह तक इसी स्तर पर रहने की संभावना है.

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