संवाददाता, साहिबगंजसंसार में अमृत तीन स्थानों पर पाये जाते हैं. यह बातें पुरी ओडि़शा से आये आचार्य ओम प्रकाश जी महाराज ने कही. सोमवार को पुलिस लाइन मैदान में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी. आचार्य ने कहा कि चंद्रमा जो वनस्पतियां होती है उससे औषधि का निर्माण होता है. संत में जो कथा, मृत एवं नामामृत के जरिये संसार में बिखेरते हैं. उन्होंने कहा कि भागवत एक निगम कल्प फल है. जिसमें ना छिलका है, ना सिरा है, ना बीज है. उसमें सिर्फ रस ही रस है. ऐसे रसामृत का पान कर जो वर्तमान सुधरता है, उसका भूत, भविष्य रसमय बनकर अमृतमय बन जाता है. मौके पर समिति के कई पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद थे. …………………………..फोटो नंबर 02 एसबीजी 7 हैकैप्सन: सोमवार को प्रवचन सुनने उमड़ी भीड़
ओके.....भागवत कथा सुनने उमड़ी भीड़
संवाददाता, साहिबगंजसंसार में अमृत तीन स्थानों पर पाये जाते हैं. यह बातें पुरी ओडि़शा से आये आचार्य ओम प्रकाश जी महाराज ने कही. सोमवार को पुलिस लाइन मैदान में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी. आचार्य ने कहा कि चंद्रमा जो वनस्पतियां होती है उससे औषधि का निर्माण होता है. […]
