साहिबगंज. जिरवाबाड़ी स्थित पोद्दार होम्यो क्लिनिक में होम्योपैथी के संस्थापक डॉ सैमुअल हैनिमैन की 270वीं जयंती हर्षोल्लास के साथ मनायी गयी. इस अवसर पर उपस्थित होम्योपैथिक चिकित्सकों ने हैनिमैन की तस्वीर पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की. कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डॉ. सुर्यानंद ने बताया कि जर्मन चिकित्सक डॉ. हैनिमैन ने 19वीं सदी में होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति को पहली बार प्रमुखता दिलायी. वे साइड इफेक्ट्स वाली चिकित्सा प्रणाली और अनावश्यक दवाओं के विरोधी थे. इस कार्यक्रम में शहर के सभी प्रमुख होम्योपैथिक चिकित्सक उपस्थित रहे. सभी ने अपनी-अपनी राय रखी. होम्योपैथी को कैसे और आगे बढ़ाया पर चर्चा हुई. विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया गया कि होम्योपैथी को सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर आम जनता तक कैसे पहुंचाया जाये. कार्यक्रम में उपस्थित डॉक्टरों में डॉ. सचिदानंद, डॉ. विजय कुमार, डॉ. एस.के. सिंह, डॉ. अरुण कुमार, डॉ. उमा कुमारी, डॉ. अशोक कुमार ठाकुर, शरद पोद्दार, जितेन्द्र कुमार एवं अन्य चिकित्सकों ने अपने विचार रखे. सभी चिकित्सकों ने एकमत होकर यह संकल्प लिया कि वे होम्योपैथी को जन-जन तक पहुँचाने का कार्य करेंगे.
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