उदासीनता का परिणाम : नहीं मिल रहा जागरूकता व प्रशिक्षण का लाभ
साहिबगंज : सरकार के लाख जतन के बावजूद मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी नहीं आ रही है. पिछले चार से पांच वर्षो में विभिन्न इलाकों में स्वास्थ्य कर्मियों व चिकित्सकों को प्रशिक्षण युद्धस्तर पर दिया गया. लेकिन इसका लाभ नहीं मिला.
वर्ष 2014 में 61 नवजात की मौत हो चुकी है. जबकि 30 प्रसूता ने अपनी जान गंवा दी है. जागरूकता की कमी व इलाज के दौरान चिकित्सकों की कम जानकारी या लापरवाही ही नवजात व प्रसूता की मौत का कारण बनता हैं. इस कमी को पाटने के लिए सरकार ने जागरूकता व प्रशिक्षण के लिए अभियान चलाया है. लेकिन मृत्यु दर के जो आंकड़े सामने आ रहे हैं इससे साफ जाहिर होता है कि अभियान का कोई लाभ नहीं मिल पा रहा.
