झारखंड में नौकरशाह हावी हैं, जिसके चलते यहां लूट की पूरी छूट मिली हुई है. झारखंड बनाने के लिए आंदोलन किया, लेकिन झारखंड की स्थिति को देखते हुए लगता है कि झारखंड को बचाने के लिए फिर से आंदोलन करना पड़ेगा. ये बातें झामुमो सुप्रीमो शिबू सोरेन ने कही.
वह रांची से दुमका जाने के क्रम में बरवाअड्डा स्थित अपना ढाबा में रविवार को पत्रकारों से मुखातिब थे. शिक्षक को दस हजार, शराब बेचने वाले को 16 हजार : झारखंड में शिक्षा का अलख जगा रहे पारा शिक्षक एवं शिक्षा मित्र को सरकार आठ से दस हजार रुपया देती है, वहीं शराब बेचने वाले को 12 हजार से 16 हजार रुपया महीना देती है. इससे आप खुद अंदाजा लगा सकते हैं कि सरकार शिक्षा के प्रति कितनी गंभीर है.
