हंगामे के बाद जांच में खुली पोल, जर्जर हालत में चल रही 108 एंबुलेंस सेवा

अस्पताल मैनेजर दिवाकर कर्मकार द्वारा बारी-बारी से सभी एंबुलेंस का निरीक्षण किया गया.

साहिबगंज. सदर अस्पताल के सीएस डॉक्टर रामदेव पासवान के निर्देशानुसार अस्पताल मैनेजर दिवाकर कर्मकार द्वारा बारी-बारी से सभी एंबुलेंस का निरीक्षण किया गया. निरीक्षण के दौरान एंबुलेंस में लगी सभी सुविधाओं को बारीकी से जांचा गया. 108 एंबुलेंस की जांच के दौरान अस्पताल मैनेजर ने पाया कि ड्राइवर के बगल वाली सीट, जिस पर मरीज के परिजन बैठते हैं, उसे जूट के बोरे को बिछाकर अस्थायी रूप से सीट का रूप दिया गया है. एंबुलेंस का पिछला दरवाजा लोहे के तार से खींचने पर खुलता है और एयर कंडीशनर खराब स्थिति में है. आगे की हेडलाइट को कपड़े फाड़कर बनाई गई रस्सी से बांधा गया है. वहीं 108 एंबुलेंस के कर्मियों ने बताया कि साहिबगंज सदर अस्पताल में कुल पांच एंबुलेंस हैं. इनमें से एक एंबुलेंस वर्कशॉप में है, एक खराब होकर अस्पताल परिसर में खड़ी है और केवल तीन एंबुलेंस ही संचालन में हैं. ये तीनों एंबुलेंस भी जर्जर स्थिति में चल रही हैं. 108 एंबुलेंस के एक ड्राइवर ने बताया कि उन्हें जान जोखिम में डालकर काम करना पड़ता है और कभी भी कोई दुर्घटना हो सकती है, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है. उधर अस्पताल मैनेजर दिवाकर कर्मकार ने कहा कि हाल ही में एंबुलेंस को लेकर हुए हंगामे के बाद सभी संचालित एंबुलेंस का निरीक्षण किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि उनकी कोशिश है कि रेफर किए गए मरीजों को सभी आवश्यक सुविधाएं मिलें. एंबुलेंस में जो भी खराबियां पायी जा रही हैं, उनकी जानकारी उच्च पदाधिकारियों को दी जा रही है, ताकि जल्द से जल्द सभी खराब एंबुलेंस की मरम्मत कर उन्हें फिर से सेवा में लगाया जा सके.

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Author: RAKESH KUMAR

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