ranchi news रांची में स्वदेशी मैराथन, युवाओं ने आत्मनिर्भर भारत के लिए लगायी दौड़

मोरहाबादी मैदान में रविवार सुबह का नजारा कुछ अलग ही था. देशभक्ति के नारों और उमंग से भरे युवाओं की टोलियां, तिरंगे और स्वदेशी संदेशों वाले बैनरों के साथ दौड़ती नजर आयीं.

रांची. मोरहाबादी मैदान में रविवार सुबह का नजारा कुछ अलग ही था. देशभक्ति के नारों और उमंग से भरे युवाओं की टोलियां, तिरंगे और स्वदेशी संदेशों वाले बैनरों के साथ दौड़ती नजर आयीं. मौका था स्वदेशी मैराथन का. थीम था : स्वदेशी अपनाओ, आत्मनिर्भर भारत बनाओ. मैराथन का उद्घाटन राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने किया. उन्होंने युवाओं से वोकल फॉर लोकल अभियान को अपनाने और दैनिक जीवन में स्वदेशी वस्तुओं का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया. कहा कि स्वदेशी वस्तुओं का प्रयोग भारत को न केवल आत्मनिर्भर बनायेगा, बल्कि यह देश की आर्थिक मजबूती में भी योगदान देगा. यही विकसित भारत-2047 का मार्ग है. यह मैराथन उसी भावना का जीवंत प्रतीक है, जहां हर कदम स्वदेशी, स्वास्थ्य और स्वाभिमान की दिशा में बढ़ रहा है. इस अवसर पर पूर्व राज्यसभा सांसद महेश पोद्दार, मधुकांत पाठक, आरती कुजूर, डीएवी के प्राचार्य विपिन राय, रोशनी खलको, सरदार परमजीत सिंह टिंकू, अस्मित सिंह शेट्टी, वरुण साहू, धीरज महतो, रोमित नारायण सिंह, मुकेश काबरा, शिवेंद्र दुबे, प्रभाकर कुमार, रमेंद्र कुमार आदि उपस्थित थे.

आज के युवा ही भारत की रीढ़ हैं

केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने मैराथन को सांसद खेल महोत्सव से जोड़ते हुए युवाओं को राष्ट्र निर्माण का भागीदार बताया. उन्होंने कहा कि आज के युवा ही भारत की रीढ़ है. यदि सभी स्वदेशी उत्पादों को अपनायेंगे और प्रचारित करेंगे, तो वर्ष 2047 तक विकसित भारत का सपना साकार हो सकता है. स्वदेशी मैराथन 2025 सिर्फ एक खेल आयोजन नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत की ओर बढ़ती जन-सहभागिता के आंदोलन का प्रतीक बन गया है. देश के युवाओं में यह भावना बनी रही, तो निश्चित ही आनेवाले वर्षों में भारत वैश्विक मंच पर एक मजबूत, आत्मनिर्भर राष्ट्र के रूप में उभरेगा.

दुश्मनों का मुकाबला करना है, तो फिट रहना होगा

मैराथन में करगिल युद्ध में वीरगति को प्राप्त लेफ्टिनेंट विजयंत थापर के माता-पिता रिटायर्ड कर्नल वीएन थापर और तृप्ता थापर भी शामिल हुए. दिल्ली से मैराथन में शामिल होने आये थापर दंपति ने युवाओं में देशभक्ति की भावना को प्रेरित करनेवाले इस प्रयास की सराहना की. उन्होंने कहा कि दुश्मनों का मुकाबला करना है, तो फिट रहना होगा. चाहे वो देश के दुश्मन हों या शरीर के.

युवक-युवतियों के अलावा बुजुर्गों ने भी लिया हिस्सा

मैराथन में करीब 25 हजार लोग शामिल हुए. करीब पांच किमी लंबी इस दौड़ में रांची और आसपास के क्षेत्रों के सैकड़ों युवक-युवतियों, छात्र-छात्राओं, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों ने भी हिस्सा लिया. कई प्रतिभागी तिरंगे के साथ दौड़ते नजर आये. कई विद्यार्थियों ने अपने हाथों में स्वदेशी संदेश वाला पोस्टर लिया हुआ था. इस दौरान पूरा मोरहाबादी मैदान भारत माता की जय और वंदे मातरम् के नारों से गूंजता रहा. इस दौरान कई जगहों पर सामाजिक संगठनों ने पुष्प वर्षा की. सरायकेला खरसावां और सिल्ली के कलाकारों ने छऊ नृत्य और पाईका की मनमोहक प्रस्तुति दी.

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By Prabhat Khabar News Desk

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