योगेंद्र साव पर कार्रवाई तो अनंत प्रताप देव के कथित बयान पर चुप्पी क्यों? अंबा प्रसाद ने JMM से पूछा सवाल

JMM विधायक अनंत प्रताप देव के कथित वायरल वीडियो पर अंबा प्रसाद ने JMM से जवाब मांगा है. उन्होंने योगेंद्र साव मामले को उठाकर पार्टी के अनुशासन पर सवाल उठाए.

रांची. पूर्व विधायक अंबा प्रसाद ने झामुमो विधायक अनंत प्रताप देव के कथित वायरल वीडियो को लेकर झामुमो के अनुशासन और कार्यशैली पर सवाल उठाये हैं. उन्होंने कहा कि सुशासित और अनुशासित जैसे शब्दों के अर्थ को झामुमो के विधायकों, नेताओं और कार्यकर्ताओं के बयानों और कार्यशैली पर लागू करने के बाद झारखंड की जनता खुद फैसला करे.

अंबा प्रसाद ने अनंत प्रताप देव के कथित बयान का हवाला देते हुए कहा कि एक कार्यक्रम में उन्होंने बीडीओ और सीओ को हेमंत सोरेन के लोगों को परेशान नहीं करने की चेतावनी दी और कार्यालय में घुसकर पीटने की बात कही. यह कार्यक्रम खान एवं खनिज संशोधन कानून के विरोध में आयोजित धरना से जुड़ा था. हालांकि, वायरल वीडियो में कही गयी बातों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है.

अंबा प्रसाद ने कहा कि यदि कांग्रेस का कोई मंत्री या नेता इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करता, तो तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग शुरू हो जाती. उन्होंने सवाल किया कि फिर झामुमो के विधायक, नेता और कार्यकर्ता किस अनुशासन के दायरे में आते हैं.

योगेंद्र साव के मामले से जोड़ा मुद्दा

अंबा प्रसाद ने अपने पिता और कांग्रेस नेता योगेंद्र साव के हालिया बयान को लेकर उठे विवाद का भी उल्लेख किया. झामुमो नेताओं की ओर से योगेंद्र साव के खिलाफ कार्रवाई की मांग किये जाने के बाद कांग्रेस की अनुशासन समिति ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया है. समिति ने तीन दिनों के भीतर लिखित जवाब देने और व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने को कहा है.

अंबा प्रसाद ने इसी संदर्भ में सवाल उठाते हुए कहा कि एक तरफ योगेंद्र साव के बयान को अनुशासनहीनता बताकर कार्रवाई की मांग की जा रही है, वहीं झामुमो विधायक के कथित बयान पर पार्टी का रुख क्या है.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Vivek chandra

झारखंड में पिछले दो दशक से अधिक समय से पत्रकारिता से जुड़े हैं. पत्रकारिता का ककहरा प्रसिद्ध पत्रकार और राज्यसभा के उप सभापति हरिवंश से सीखा है. सम सामयिक विषयों पर कई रिपोर्ट राष्ट्रीय स्तर पर चर्चित रही हैं.
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >