Ranchi News : इंजीनियरिंग की पढ़ाई छोड़ कला में बनायी पहचान

हर वर्ष 15 जुलाई को विश्व युवा कौशल दिवस मनाया जाता है.

(विश्व युवा कौशल दिवस आज)

युवाओं के हुनर से बदल रही तस्वीर, एआइ की मदद से प्रतिभा में डाल रहे जान

रांची(लता रानी). हर वर्ष 15 जुलाई को विश्व युवा कौशल दिवस मनाया जाता है. वर्ष 2014 में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने इसे घोषित करते हुए कहा था कि युवाओं को रोजगार, उद्यमिता और अच्छे कार्यों के लिए कौशल से लैस करना समय की मांग है. इसका उद्देश्य युवाओं में स्किल डेवलपमेंट को लेकर जागरूकता फैलाना और उन्हें भविष्य के लिए तैयार करना है. इस वर्ष की थीम है कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआइ) और डिजिटल कौशल के माध्यम से युवाओं का सशक्तीकरण. इस अवसर पर झारखंड के ऐसे युवाओं से बात की गयी, जो अपने कौशल से समाज में नयी पहचान बना रहे हैं और दूसरों को भी प्रेरित कर रहे हैं.

सौरव नायक : पेंटिंग में ढूंढ़ी पहचान, अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचा हुनर

रांची विश्वविद्यालय के फाइन आर्ट छात्र सौरव नायक पेंटर और स्कल्पचर आर्टिस्ट हैं. बचपन से कला में रुचि रही, पिता से पेंटिंग सीखी. इंजीनियरिंग की पढ़ाई बीच में छोड़कर कला के क्षेत्र को चुना. उनके चित्र रेडिशन ब्लू होटल, चर्च कांप्लेक्स जैसी जगहों की दीवारों पर देखे जा सकते हैं. कहते हैं एआइ जैसे टूल्स से ग्राफिक आर्ट में मदद ली जा सकती है, लेकिन कलाकार की कल्पना अनोखी होती है, जो तकनीक से नहीं आती.

निकूंज नरेडी : फैशन डिजाइन से ग्रामीण महिलाओं को किया सशक्त

जमशेदपुर की निकूंज नरेडी ने फैशन डिजाइन को सामाजिक उद्यम से जोड़ा. उन्होंने अहिंसा छाया और अहिंसा इम्प्रिंट की शुरुआत की, जो वेस्ट फैब्रिक से तैयार कपड़ों के लिए जानी जाती है. गांव की महिलाओं को डिजाइनिंग, सिलाई और कढ़ाई की ट्रेनिंग देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया. कहती हैं यदि आपके अंदर सीखने और कुछ करने की ललक है तो आपका कौशल जरूर निखरेगा.

अजय लकड़ा : डोकरा कला को बचाने में जुटे, युवाओं को दे रहे प्रशिक्षण

मांडू निवासी अजय लकड़ा अपने पारंपरिक डोकरा शिल्प को न केवल जीवित रखे हुए हैं, बल्कि युवाओं और महिलाओं को भी इसका प्रशिक्षण दे रहे हैं. कहते हैं कि 15 साल की उम्र से इस काम में हूं. पढ़ाई कम हुई लेकिन अब युवाओं को इस कला से जोड़ने का सपना है. आने वाली पीढ़ी के लिए एआइ भी सहायक हो सकती है.

यहां मिल रहे हैं नि:शुल्क कौशल विकास प्रशिक्षण

आशा संस्था (नामकुम): सिलाई, फूड प्रोसेसिंग और कंप्यूटर के तीन से छह महीने के कोर्स संचालित.

अंजुमन इस्लामिया : मेहंदी, सिलाई-कढ़ाई जैसे कोर्स के साथ करियर मार्गदर्शन भी.

माधवी श्याम एजुकेशनल ट्रस्ट : मशरूम उत्पादन, ब्यूटीशियन, सिलाई आदि का प्रशिक्षण.

भारत ज्योति : फैशन डिजाइनिंग, कंप्यूटर, मोबाइल रिपेयरिंग, जूट वर्क सहित कई कोर्स.

चैरिटेबल ट्रस्ट : पर्सनल ग्रूमिंग, हाइजीन, सिलाई, कढ़ाई और ब्यूटीशियन वर्कशॉप.

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