डायन बिसाही के शक में रिम्स रांची की नर्स ने ले ली अपने किरायेदार की जान, 5 आरोपी गिरफ्तार

रिम्स की एक नर्स ने डायन बिसाही के शक के आरोप में अपने किरायेदार की हत्या कर दी. उन्हें शक था कि उनके जादूटोने की वजह से ही उनके बेटे की मौत हुई है

Ranchi Crime News रांची : डायन बिसाही के शक में रिम्स की नर्स ने परिवार के साथ मिलकर अपनी महिला किरायेदार की हत्या कर दी. मुख्य आरोपी नर्स सलोमी मिंज रांची के तुपुदाना में रहती है. हत्या के बाद शव को खूंटी थाना क्षेत्र के रेमता व पोटमगड़ा के बीच जंगल में फेंक दिया था. पुलिस ने हत्या के तीन दिन के अंदर मृतक की पहचान करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा कर दिया.

खूंटी एसपी आशुतोष शेखर ने सोमवार को बताया कि 27 जनवरी को रेमता व पोटमगड़ा के बीच जंगल में शव मिला था, जिसकी पहचान गुमला जिले के पालकोट स्थित घुघुरिया, नदीटोला निवासी नोरा लकड़ा उर्फ सोनू के रूप में हुई है.

मृत महिला रिम्स में नर्स सलोमी मिंज के तुपुदाना स्थित घर में किराये पर रहती थी. 17 जनवरी को नर्स के बड़े बेटे अभिषेक तिर्की की अचानक मौत हो गयी थी. इस पर उसे शक हो गया कि नोरा लकड़ा ने डायन बिसाही कर उसके बेटे की जान ले ली थी. इसे लेकर नोरा को सलोमी परेशान करने लगी. इसमें उसने ओझा शहयानी संगा का भी सहारा लिया.

फिर 27 जनवरी को सलोमी मिंज, उसकी बहन नूतन मिंज, ओझा शलयानी संगा सहित अन्य ने मिलकर नोरा की हत्या कर दी थी और शव को कार से ले जाकर रेमता व पोटमगड़ा के बीच जंगल में फेंक दिया. नोरा और आरोपी सलोमी मिंज की बहन नूतन की स्कूल से ही पहचान थी. उसी आधार पर वह उनके घर में किराये पर रहती थी.

फरार हैं दो आरोपी :

पुलिस ने मामले में सलोमी मिंज, नूतन मिंज, सलयानी संगा, नीतीश हेमरोम उर्फ गरई, प्रवीण कच्छप उर्फ पिंकू को गिरफ्तार कर लिया है. वहीं दो आरोपी फरार हैं. नीतीश हेमरोम सलोमी मिंज के बेटे का दोस्त है. उसने शव को ठिकाने लगाने में मदद की थी. पुलिस को आरोपी के घर से खून के धब्बे व कई सामान मिले. वहीं जिस स्कूटी व कार से शव को लाया गया था, उसे भी बरामद कर लिया गया. आरोपियों ने सबूत मिटाने के लिए पूरे घर का रंग-रोगन भी कर दिया था. वहीं अन्य किरायेदारों को भी भगा दिया था.

ठगी के आरोप में जेल जा चुकी थी नोरा लकड़ा

मृतका नोरा लकड़ा पूर्व में जेल जा चुकी थी. एसपी ने बताया कि रांची के गोंदा थाना में उसके खिलाफ नौकरी लगवाने के नाम पर ठगी करने का आरोप दर्ज है. जिसमें वह जेल गयी थी. 20 मार्च 2021 को वह होटवार जेल से बाहर निकली थी.

स्टिकर की मदद से पता चला आरोपियों का घर

जहां से पुलिस ने नोरा लकड़ा का शव बरामद किया था, वहां से एक ऑनलाइन कंपनी का एक स्टिकर मिला था. पुलिस ने स्टिकर को स्कैन किया, तो आरोपियों के घर का पता चला.

Posted By : Sameer Oraon

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By Prabhat Khabar News Desk

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