पाक-अफगानिस्तान में पश्चिमी विक्षोभ ने ठंडी हवाओं को रोका, झारखंड में तापमान सामान्य से 6.5 डिग्री ज्यादा

मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने बताया कि झारखंड के लगभग सभी जिलों में तापमान सामान्य से अधिक दिख रहा है. यह पश्चिमी विक्षोभ का ही असर है. उन्होंने बताया कि राजस्थान में जो साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ था, वह अब पंजाब (Cyclonic Circulation Over Punjab) पहुंच गया है.

Jharkhand Weather Update: पाकिस्तान उससे सटे अफगानिस्तान में पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के असर से एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन (Cyclonic Circulation) तैयार हुआ है, जो समुद्र तल से 3.1 किलोमीटर से लेकर 7.6 किलोमीटर तक स्थित है. वहीं, पंजाब में साइक्लोन सक्रिय है, जो समुद्र तल से करीब 1.5 किलोमीटर ऊपर है. इसका असर झारखंड के मौसम (Jharkhand Ka Mausam) पर भी पड़ रहा है. पश्चिमी विक्षोभ का ही असर है कि झारखंड के सभी जिलों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य से ज्यादा बना हुआ है. कहा कि पश्चिमी विक्षोभ नहीं होता, तो अभी लोगों को सर्दी लग रही होती.

राजस्थान का साइक्लोन पंजाब पहुंचा

रांची में बिरसा मुंडा एयरपोर्ट स्थित मौसम केंद्र (Meteorological Centre, Birsa Munda Airport, Ranchi) के प्रमुख और मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने बताया कि झारखंड के लगभग सभी जिलों में तापमान सामान्य से अधिक दिख रहा है. यह पश्चिमी विक्षोभ का ही असर है. उन्होंने बताया कि राजस्थान में जो साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ था, वह अब पंजाब (Cyclonic Circulation Over Punjab) पहुंच गया है. पश्चिमी विक्षोभ की वजह से ठंडी हवाएं इधर नहीं आ पा रहीं हैं. इसलिए तापमान सामान्य से ज्यादा हो गया है.

पश्चिमी विक्षोभ का असर खत्म होने पर गिरेगा तापमान

श्री आनंद ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ का असर जैसे ही खत्म होगा, तापमान में थोड़ी गिरावट देखने को मिलेगी. हालांकि, अब ठंड का एहसास नहीं होगा. न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे नहीं जाने वाला है. बता दें कि पिछले 24 घंटे के दौरान राज्य में मौसम शुष्क रहा. कहीं-कहीं हल्के दर्जे का कोहरा छाया रहा. खूंटी सबसे ठंडी जगह रही, जहां का न्यूनतम तापमान 9.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. वहीं, चाईबासा में अधिकतम तापमान सबसे ज्यादा 32.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. राज्य के किसी भी हिस्से में बारिश नहीं हुई.

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रांची का पारा सामान्य से 6 डिग्री अधिक

मौसम केंद्र की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, सभी जिलों का अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया गया है. डालटेनगंज का अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य से 5.8 डिग्री अधिक है. रांची में अधिकतम तापमान सामान्य से 6 डिग्री अधिक है, जबकि न्यूनतम तापमान 3.3 डिग्री. जमशेदपुर का अधिकतम तापमान 31.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 4.8 डिग्री अधिक है. यहां का न्यूनतम तापमान 15.4 डिग्री था, जो सामान्य से 3.5 डिग्री अधिक है.

झारखंड में सबसे गर्म जगह चाईबासा

पिछले 24 घंटे के दौरान पश्चिमी सिंहभूम के जिला मुख्यालय चाईबासा का अधिकतम तापमान 32.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 6.5 डिग्री अधिक है. न्यूनतम तापमान 14.2 डिग्री रहा, जो सामान्य से 2.6 डिग्री अधिक है. बोकारो में अधिकतम तापमान 27.5 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.2 डिग्री अधिक है. यहां न्यूनतम तापमान 14.1 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 1.7 डिग्री अधिक है.

सरस्वती पूजा के दिन रांची में छाये रहेंगे बादल

मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने बताया कि गणतंत्र दिवस और सरस्वती पूजा के दिन (26 जनवरी को) आंशिक बादल छाये रह सकते हैं. उन्होंने कहा कि राज्य के दक्षिणी हिस्से यानी कोल्हान प्रमंडल और सिमडेगा जिला में इस सप्ताह न्यूनतम तापमान में किसी बड़े बदलाव के संकेत नहीं हैं. राज्य के अन्य हिस्सों में भी दो दिन तक तापमान में कोई बदलाव नहीं देखा जायेगा. हालांकि, इसके बाद तीन दिन के दौरान तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट दर्ज की जा सकती है.

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29 जनवरी तक रांची में धुंध की संभावना

मौसम वैज्ञानिक के मुताबिक, राजधानी रांची में 29 जनवरी तक सुबह में धुंध छाये रह सकते हैं. अधिकतम और न्यूनतम तापमान में किसी बड़े बदलाव के संकेत नहीं हैं. अधिकतम तापमान 30 और 29 डिग्री के बीच बने रहेंगे, जबकि न्यूनतम तापमान 15 से 14 डिग्री के बीच बने रहने का अनुमान है. झारखंड राज्य के लिए मौसम विभाग की ओर से 31 जनवरी तक किसी प्रकार की चेतावनी जारी नहीं की गयी है.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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