Water Logging On Road Near Rims: झारखंड में मानसून की पहली बारिश से कई लोगों ने सुकून की सांस ली है. रांची समेत कई जिलों में लोग भीषण गर्मी से परेशान थे, ऐसे मानसून की बारिश ने लोगों को राहत दी है. लेकिन, इस बारिश की वजह से कुछ ऐसा भी हुआ है जिससे कुछ लोगों के पोल खुले है. राज्य के सबसे बड़े अस्पताल रिम्स में अव्यवस्था की खबरें आए दिन आती रहती है. लेकिन, सबसे बड़े सरकारी अस्पताल के आसपास की सड़कों की स्थिति इन दिनों ऐसी बनी हुई है जिससे लोग सड़क को तालाब समझने को मजबूर है.
राजधानी में बीते दिनों से हो रही झमाझम बारिश ने रांची नगर निगम, रिम्स प्रबंधन और आम लोगों की लापरवाही को उजागर कर दिया है. रिम्स कैंपस के मेन गेट पर थोड़ी सी बारिश से ही जलजमाव हो जाता है. साथ ही वहां से पानी निकलने का कोई साधन भी नहीं है, इससे पैदलयात्रियों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. साथ ही, मेन गेट के पास सड़क में इतनी बड़ी दरार आ गयी है कि लोग वहां आए दिन अपना संतुलन खोटे हुए नजर आ जाते है.
ट्रामा सेंटर के पास सड़क पर पैदल आना-जाना मुश्किलआपातकाल सेवा में लोगों की जल्दीबाजी समझी जा सकती है. लेकिन रिम्स ट्रामा सेंटर के बाहर सड़क की स्थिति ऐसी है कि अगर गाड़ी चलाते समय किसी ने जल्दबाजी की तो वह हाडसे का शिकार हो सकता है. वहीं, रिम्स तालाब के पास पानी का जलजमाव इतना अधिक हो चुका है कि लोग पैदल आना-जाना नहीं कर सकते. अगर उन्हें रास्ता पार करना है तो घुटने भर पानी में डूबकर जाना ही पड़ेगा. लोग समय तौर पर दुविधा में पड़ जा रहे है कि तालाब सड़क के किनारे है या सड़क पर.
Also Read: झारखंड में मानसून की बौछारों ने मौसम किया सुहाना, बारिश की कमी घटकर हुई 64 फीसदी नहीं उठाए जा रहे जरूरी कदमइस बारिश ने रांची नगर निगम, रिम्स प्रबंधन की प्रतिबद्धता और आम लोगों की जागरूकता पर बड़े सवाल खड़े किये है. सही ड्रेनेज सिस्टम, अपने परिसर की परेशानी के समाधान के लिए जरूरी कदम उठाना और नालियों में प्लास्टिक या अन्य कचरे फेंकने से आम लोगों को हो रही इस परेशानी को झेलना नहीं पड़ता. लेकिन जहां एक ओर बारिश ने सबके चेहरों पर खुशी लाई है वहीं इस रास्ते से गुजरने वाले चेहरों पर बारिश की वजह से शिकन है. ऐसे में ऐसी स्थिति से निपटने के लिए क्या कुछ जरूरी कदम है, इसपर विचार कर इसे ठीक की जरूरत है.
