Ranchi News : सिरमटोली में दो पक्ष भिड़े, , पुलिस ने संभाला

काली पट्टी लगाकर सीएम का विरोध, हुई हल्की झड़प व तीखी बहस

वरीय संवाददाता, रांची. सरहुल पर मंगलवार की दोपहर सिरमटोली में दो पक्षों के बीच झड़प से तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गयी. यह झड़प उस वक्त हुई, जब यहां मुख्य सरना स्थल पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनकी पत्नी कल्पना सोरेन पूजा करने पहुंचे. उस समय वहां फ्लाइओवर के रैंप का विरोध करनेवाले एक संगठन द्वारा मुख्यमंत्री विरोध किया गया. विरोध करनेवाले माथे पर काली पट्टी लगाये हुए थे. विरोध करनेवालों का केंद्रीय सरना समिति के नेता अजय तिर्की के नेतृत्व में कुछ लोगों ने विरोध जताया. दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस और हल्की झड़प भी हुई. इस बीच कुछ पल के लिए सिरमटोली स्थित सरना स्थल का माहौल तनावपूर्ण हो गया. दोनों पक्ष के लोग आमने-सामने थे, लेकिन पुलिस और प्रशासन ने हालात बिगड़ने नहीं दिया. अधिकारियों ने हालात को संभाला. रांची के उपायुक्त मंजुनाथ भजंत्री, एसएसपी चंदन कुमार सिन्हा और एसडीओ उत्कर्ष कुमार मौके पर मौजूद थे. इस बीच हेमंत सोरेन और उनकी पत्नी कल्पना सोरेन ने सरना स्थल पर कड़ी सुरक्षा के बीच लकड़ी के चूल्हे के पास खिचड़ी प्रसाद के साथ पूजा-अर्चना की और वहां से आदिवासी हॉस्टल में सरहुल पर आयोजित कार्यक्रम में भाग लेने के लिए चले गये. गीताश्री उरांव माथे पर काली पट्टी बांध कर रही थीं विरोध : सीएम का विरोध करने वाले आदिवासी समूहों की अगुवाई पूर्व मंत्री गीताश्री उरांव कर रही थीं. वह केंद्रीय सरना स्थल पर बने मंच पर विराजमान थीं. विरोधी गुट के लोग सिर और हाथों में काली पट्टी बांधे हुए थे. अजय तिर्की ने खुद पर लग रहे आरोपों पर कहा कि स्वार्थवश कुछ लोगों द्वारा मुझे चोर-दलाल कहा जा रहा है. अपने बीच के कुछ लोग जानबूझ कर विवाद पैदा कर रहे हैं. वहीं, गीताश्री उरांव ने कहा कि सिरमटोली में आदिवासियों का सबसे बड़ा सरना स्थल है. यह आदिवासी संस्कृति का सबसे बड़ा केंद्र है, जहां हर साल सरहुल के मौके पर रांची और आसपास के इलाकों से निकाली जाने वाली विशाल शोभायात्राओं का समागम होता है. उन्होंने कहा कि विरोध करना उनका संवैधानिक अधिकार है, तभी हम अपने अधिकारों की रक्षा कर सकते हैं. निर्माणाधीन फ्लाइओवर के रैंप से सरना स्थल के पास अनहोनी की आशंका बढ़ेगी : आदिवासी संगठनों का कहना है कि निर्माणाधीन फ्लाईओवर का रैंप सरना स्थल के पास बना दिये जाने से सरहुल सहित अन्य तरह के धार्मिक आयोजन प्रभावित होंगे. उनका कहना है कि इसकी जानकारी मुख्यमंत्री को ज्ञापन के माध्यम से कई बार दी गयी है. रैंप बनाये जाने से सरना स्थल तक जाने वाली जगह 10 फीट अधिग्रहित करने के बाद संकरी हो गयी है. इससे वहां अत्यधिक भीड़ जुटने के बाद भगदड़ या किसी अनहोनी की आशंका बढ़ गयी है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: SHRAWAN KUMAR

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >