RanchiNews : इडी के अधिकारी को प्रतिउत्तर दायर करने के लिए मिला समय

मामला एससी-एसटी एक्ट में इडी अधिकारियों के खिलाफ दर्ज मामले की स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने का

रांची़ झारखंड हाइकोर्ट के जस्टिस अनिल कुमार चाैधरी की अदालत ने एससी-एसटी एक्ट में इडी के अधिकारियों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी की जांच सीबीआइ या किसी स्वतंत्र एजेंसी को देने को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई की. इस दौरान अदालत ने प्रार्थी का पक्ष सुना. फिर प्रार्थी के आग्रह को स्वीकार कर लिया. साथ ही प्रतिवादी (हेमंत सोरेन) के जवाब पर प्रति उत्तर दायर करने के लिए समय प्रदान किया. अदालत ने सुनवाई के लिए तीन सप्ताह के बाद की तिथि निर्धारित करने को कहा. इडी की ओर से अधिवक्ता एके दास व अधिवक्ता सौरभ कुमार ने पैरवी की. उल्लेखनीय है कि प्रार्थी इडी के सहायक निदेशक देवव्रत झा की ओर से क्रिमिनल रिट याचिका दायर की गयी है. इसमें एससी-एसटी एक्ट के तहत इडी अधिकारियों के खिलाफ दर्ज मामले की सीबीआइ या स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने की मांग की गयी है. हालांकि पूर्व में भी हाइकोर्ट में एससी-एसटी एक्ट के तहत दर्ज प्राथमिकी को चुनौती देनेवाले इडी के अधिकारी कपिल राज व अन्य की याचिका पर सुनवाई हुई थी. हाइकोर्ट ने मामले में इडी के अधिकारियों को गोंदा थाना पुलिस द्वारा 41ए के तहत दिये गये नोटिस पर अगले आदेश तक के लिए रोक लगा दी थी. गोंदा थाना में एससी-एसटी एक्ट के तहत इडी अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी गयी थी. तत्कालीन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के दिल्ली आवास पर इडी द्वारा की गयी तलाशी के संबंध में आरोप लगाया गया था. यह तलाशी उन्हें बदनाम करने के इरादे से ली गयी. इडी के अधिकारियों ने मीडिया को इसकी जानकारी लीक की, जिससे जनता की नजर में उनकी प्रतिष्ठा धूमिल हो जाये.

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