रांची. विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन सोमवार को विधानसभा अध्यक्ष रबींद्रनाथ महतो ने प्रारंभिक भाषण में कहा कि हम लोग जनता की अपेक्षाओं के साथ चुन कर आते हैं. राज्य की जनता की इस सदन से आशाएं बंधी हैं. ऐसे में उनके हित में महापंचायत से समुचित कार्य हों. लेकिन यह भी सत्य है कि कई बार गतिरोध के कारण वांछित कार्य नहीं हो पाता है. ऐसे में मेरा आग्रह है कि सदन में आलोचना हो. विचार व्यक्त हो. अभिव्यक्ति हो, लेकिन गतिरोध नहीं हो.
बजट सत्र में 20 बैठकें निर्धारित हैं
विधानसभा अध्यक्ष रबींद्रनाथ महतो ने कहा कि 27 मार्च तक चलनेवाले इस बजट सत्र में 20 बैठकें निर्धारित हैं. इसमें वित्तीय वर्ष 2024-25 का तृतीय अनुपूरक बजट व वित्तीय वर्ष 2025-26 का वार्षिक बजट पेश किया जायेगा. विधायिका के पास कार्यपालिका के कार्यों के आकलन के निमित बजट एक बहुत बड़ा साधन है. बजट की अनुदान मांगों पर कटौती प्रस्ताव के माध्यम से सरकार की योजनाओं की समीक्षा करने का अवसर प्राप्त होगा. राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान भी सार्थक बहस करने का अवसर प्राप्त होगा. इस सत्र में तीन कार्य दिवस राजकीय विधेयक के लिए भी निर्धारित है.
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