फाइलों में छोटी-छोटी गलतियों के कारण कई सालों से ऑफिस में कर्मियों को लगा रहे गुहार
प्रतिनिधि, डकराएनके एरिया से सेवानिवृत्त हुए लगभग 34 सीसीएल कर्मियों की पत्नी या स्वयं कर्मी पेंशन पाने के लिए पिछले कई सालों से सीएमपीएफ और सीसीएल कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं. कार्यालयों में बैठने वाले अधिकारी खानापूर्ति करने जैसा जवाब देकर उन्हें इधर-उधर दौड़ा रहे हैं. पलामू की रहने वाली पांच बुजुर्ग महिलाएं बुधवार को डकरा पहुंचकर एनके एरिया के मुख्य कार्मिक प्रबंधक ज्योति कुमार से मिली. इनमें लगभग सबकी उम्र 70-80 के बीच की है. बताया कि पेंशन के लिए दौड़ लगाते-लगाते सोनवा देवी पति छठू महतो की मृत्यु भी हो गयी. इसके बाद भी हमलोगों के प्रति काम करने वाले लोग सहानुभूति नहीं दिखा रहे हैं. देवकलिया देवी पति मुनारिक दुसाध को तो कुछ लोग टांग कर कार्यालय लाए थे. इसके अलावा जसिया देवी पति स्व रुपदेव दुसाध, पनवा देवी पति स्व मराछू नोनिया, शांति देवी पति स्व लक्ष्मण गंझू, फटकू देवी पति स्व प्रह्लाद महतो, सरिता देवी पति स्व बालाराम, मनोज राम पिता बंशी राम पेंशन पाने की आश में दर-दर भटकती दिखायी दी.
संवेदनहीन हो गये हैं कार्यालय के कर्मी : शैलेश
इस तरह के कुल 34 लोग हैं, जिसमें 25 लोगों के मामले को अभी तक समाधान की दिशा में पहल तक नहीं की गयी है. यह कहना है एनसीओइए (सीटू) के एनके एरिया सचिव शैलेश कुमार का. उन्होनें बताया कि यह सभी किसी तरह जिंदा हैं और बहुत मुश्किल से कार्यालय आ पाते हैं. उम्र के आखिरी पड़ाव पर पहुंच गये ऐसे गरीब लोगों का काम सिर्फ छोटे-छोटे त्रुटियों के कारण अटका हुआ है. सीएमपीएफ और सीसीएल में संबंधित कार्य देखने वाले लोग ऐसे मामले में संवेदनहीनता की पराकाष्ठा पार चुके हैं.दो महीने में समाधान का भरोसा
मामले के पैरवीकार शैलेश कुमार, शिव पासवान ने बताया कि मुख्य कार्मिक प्रबंधक ज्योति कुमार ने दो महीने के भीतर सभी मामलों का समाधान करने का भरोसा दिया है. इसके बाद सभी बुजुर्ग महिला को वापस गांव भेज दिया गया है.
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