रिम्स में जांच किट की कमी, शनिवार को दिनभर नहीं हुई जांच, शाम को 92 सैंपल लगाया गया

झारखंड में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है. संक्रमित मरीजों के क्षेत्रों में स्क्रीनिंग भी तेज कर दी गयी है, लेकिन जांच किट की कमी आड़े आ रही है. सूत्रों की मानें तो रिम्स के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में शनिवार को जांच किट ही खत्म हो गया.

रांची : झारखंड में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है. संक्रमित मरीजों के क्षेत्रों में स्क्रीनिंग भी तेज कर दी गयी है, लेकिन जांच किट की कमी आड़े आ रही है. सूत्रों की मानें तो रिम्स के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में शनिवार को जांच किट ही खत्म हो गया. जांच किट नहीं होने के कारण संग्रहित सैंपल की जांच दोपहर तक नहीं शुरू हो पायी थी. सुबह में 45 किट आया, लेकिन यह पर्याप्त नहीं था. शाम को जब 250 किट उपलब्ध हुआ, तो जांच की प्रक्रिया शुरू की गयी. शाम को 92 लोगों के सैंपल की जांच शुरू की गयी. रिम्स प्रबंधन ने इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आइसीएमआर) से जांच किट भेजने का आग्रह किया है. आइसीएमआर ने रविवार तक कुछ और जांच किट भेजने का आश्वासन दिया है. जानकारी के अनुसार रिम्स में प्रतिदिन करीब 100 से ज्यादा लोगों के सैंपल की जांच की जा रही है. एेसे में इतना सीमित किट उपलब्ध होने से जांच प्रभावित होगा. रिम्स निदेशक डॉ दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि आइसीएमआर द्वारा आज किट मुहैया कराया गया है. रविवार को भी कुछ किट मिल जायेगा. रातभर जग कर कर्मचारियाें ने की जांचरिम्स के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में डॉ मनोज कुमार के निर्देशन में कर्मचारी दिन-रात जांच में लगे हुए हैं. शुक्रवार को करीब 184 सैंपल की जांच की गयी. जांच चार शिफ्ट में की गयी. ऐसे में सुबह छह बजे तक कर्मचारी जांच में लगे हुए थे. \\B

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By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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