Ranchi News : 26 को तीज और 27 से 10 दिवसीय गणेश पूजा शुरू

भाद्रपद मास का कृष्ण पक्ष समापन की ओर है. इसी के साथ महत्वपूर्ण पर्वों का सिलसिला शुरू होने वाला है.

रांची. भाद्रपद मास का कृष्ण पक्ष समापन की ओर है. इसी के साथ महत्वपूर्ण पर्वों का सिलसिला शुरू होने वाला है. कुशोत्पाटिनी अमावस्या 23 अगस्त को मनायी जायेगी. अमावस्या तिथि की शुरुआत शुक्रवार को 11:37 बजे से होगी और शनिवार की सुबह 11:07 बजे तक रहेगी. चूंकि शुक्रवार को मध्याह्न व्यापिनी अमावस्या का संयोग है. इसलिए इस दिन श्रद्धा अमावस्या का विशेष महत्व माना गया है. वहीं, शनिवार को स्नान-दान की अमावस्या मनायी जायेगी. इस दिन खेतों से कुश निकालने और उसका संग्रह करने की परंपरा है. साल में केवल इसी दिन कुश निकाला जाता है. इसी कारण इसे ‘कुशोत्पाटिनी अमावस्या’ कहा जाता है.

24 अगस्त से भाद्रपद शुक्ल पक्ष की शुरुआत

24 अगस्त से भाद्रपद शुक्ल पक्ष का आरंभ होगा. इस दिन सुबह 11:06 बजे तक प्रतिपदा तिथि रहेगी, जिसके बाद द्वितीया शुरू हो जायेगी. इसी दिन चंद्र दर्शन का योग भी बनेगा. आने वाले पखवाड़े में तीज, चौठ चंद, गणेश पूजा, अनंत चतुर्दशी और करमा एकादशी जैसे प्रमुख व्रत-त्योहार मनाये जायेंगे.

26 अगस्त को हरितालिका तीज और चौठ चंद

26 अगस्त को हरितालिका तीज व्रत रखा जायेगा. इस दिन दोपहर 12:39 बजे तक तृतीया तिथि रहेगी. उदयकाल में तृतीया और हस्त नक्षत्र के संयोग से यह दिन तीज के व्रत के लिए शुभ माना गया है. पूरे दिन हस्त नक्षत्र रहने के कारण महिलाएं भगवान शिव-पार्वती की पूजा कर सकेंगी. शाम को चौठ चंद की पूजा होगी. इस दिन चंद्रास्त रात 8:06 बजे होगा. मिथिला सहित आसपास के क्षेत्रों में यह पर्व धूमधाम से मनाया जाता है. महिलाएं दिन भर उपवास रखकर शाम को चंद्रमा को अर्घ्य देंगी और परिवार की मंगलकामना करेंगी. इस बार तीज और चौठ चंद एक ही दिन होने से व्रत करने वाली महिलाओं को विशेष सुविधा होगी. पंडित कौशल कुमार मिश्र ने बताया कि हस्त नक्षत्र 26 अगस्त को पूरे दिन और रात में रहेगा और 27 की सुबह 5:56 बजे समाप्त होगा. इसलिए भक्तों को पूजा के लिए पर्याप्त समय मिलेगा.

27 अगस्त से गणेश पूजा शुरू

27 अगस्त से गणेश पूजा की शुरुआत होगी. इस दिन दोपहर 2:06 बजे तक चतुर्थी तिथि रहेगी. गणेश पूजा का 10 दिवसीय उत्सव छह सितंबर तक चलेगा. इसी दिन अनंत चतुर्दशी का व्रत भी है. रात 12:57 बजे तक चतुर्दशी रहेगी, जिसके बाद पूर्णिमा तिथि लगेगी. सात सितंबर को स्नान-दान और व्रत की पूर्णिमा मनायी जायेगी.

तीन सितंबर को करमा एकादशी

तीन सितंबर को करमा एकादशी का पर्व मनाया जायेगा. इसे पदमा एकादशी भी कहते हैं. झारखंड में इस दिन करमा पर्व धूमधाम से मनाया जाता है. चार सितंबर को वामन द्वादशी है. इस दिन मिथिला क्षेत्र में भगवान इंद्र की पूजा की जाती है. जबकि मलयाली समाज ओणम का त्योहार मनाता है. इसी दिन से 10 दिवसीय ओणम उत्सव की शुरुआत भी हो जायेगी.

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Author: Raj Kumar

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