खलारी. खलारी प्रखंड की बुकबुका पंचायत अंतर्गत महावीरनगर थाना रोड पर बहता नाले का गंदा पानी आम लोगों के लिए नासूर बन चुका है. घनी आबादी के बीच से गुजरनेवाली तथा साप्ताहिक गुरुवार बाजार से सटी इस सड़क पर हर समय गंदा पानी फैला रहता है, जिससे लोगों का चलना दूभर हो गया है. इसी सड़क पर खलारी के प्रमुख पहाड़ी मंदिर का प्रवेश द्वार है और क्षेत्र की जामा मस्जिद तक पहुंचने का यही मुख्य मार्ग है, लेकिन नाले के गंदे पानी के कारण श्रद्धालुओं और आम नागरिकों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है. सड़क के एक ओर बनी पक्की नाली वर्षों से उपेक्षा का शिकार है. बस्ती का सारा पानी इसी नाली से बहता है, लेकिन अतिक्रमण और अव्यवस्था के कारण नाली खुद ही गंदगी का अड्डा बन चुकी है. सड़क किनारे बसे कुछ दबंग लोगों ने मुख्य नाली को कई स्थानों पर कब्जे में ले लिया है. कहीं जाली लगाकर नाले को जबरन रोका गया है, तो कहीं नाली पर ही निर्माण कर पानी की निकासी पूरी तरह बाधित कर दी गयी है. सरकार ने नाली बना दी, लेकिन उसकी सफाई और रखरखाव की जिम्मेदारी तय नहीं की गयी. यहां न नगर निगम है और न नगर परिषद. पंचायत स्वच्छता की जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रही है और मुखिया फंड के अभाव का रोना रोकर चुप बैठे हैं. ग्रामीण भी सामूहिक प्रयास करने से कतराते नजर आ रहे हैं. नाली पर कब्जा जमाने वाले लोग प्रभावशाली बताये जाते हैं, जिसके डर से कोई भी उनके खिलाफ आवाज उठाने की हिम्मत नहीं करता. हैरानी की बात यह है कि इसी सड़क पर खलारी थाना भवन मौजूद है, फिर भी प्रशासनिक स्तर पर इस गंभीर समस्या को लेकर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है. गुरुवार को लगने वाले साप्ताहिक हाट में दूर-दराज से सब्जियां लेकर आने वाले किसान महिला और पुरुष गंदे पानी के बीच बैठकर अपनी सब्जियां बेचने को मजबूर हैं. यह न केवल मानव गरिमा का अपमान है, बल्कि स्वास्थ्य के साथ खुला खिलवाड़ भी है. आम लोग हालात को अपनी किस्मत मानकर मजबूरन चुप्पी साधे हुए हैं. फिल्टर प्लांट से जब पानी की आपूर्ति होती है, तो स्थिति और भयावह हो जाती है. कई जगहों पर टूटे पाइपों से बहता पानी नाले में जाकर उफनता है और पूरी सड़क पर फैल जाता है. सड़क जलमग्न हो जाती है और आमजन इसे बर्दाश्त करने को विवश होते हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि शीघ्र ही इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकाला गया तो महामारी फैलने से इनकार नहीं किया जा सकता. लोगों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर अतिक्रमण हटाने, नाली की सफाई कराने और स्थायी जल निकासी व्यवस्था करने की मांग की है.
नासूर बन चुका है थाना रोड पर बहता गंदे नाले का पानी, लोग बेहाल और प्रशासन बेखबर
सफाई के लिए नगर निगम, नगर परिषद या पंचायत में भी नहीं है जिम्मेवारी तय
अवैध कब्जाधारी दबंगों के भय से स्थानीय लोगों की भी नहीं खुलती है जुबान
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