रांची. JPSC-JSSC की परीक्षाएं रद्द करने के आदेश पर हाईकोर्ट की रोक के बाद शुक्रवार शाम राजधानी रांची में भारी हंगामा हुआ. 'जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच' के बैनर तले मुख्यमंत्री का पुतला फूंकने निकले छात्रों का पुलिस के साथ कई जगहों पर सीधा टकराव हुआ. बीच सड़क पर जुलूस में घुसे कुछ युवकों द्वारा पुतला छीनने के बाद स्थिति हिंसक हो गई. पुलिस और छात्रों के बीच हुई धक्का-मुक्की में कई छात्रों की तबीयत बिगड़ गयी. उन्हें सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां जुटी छात्रों की भीड़ को खदेड़ने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा.
बापू वाटिका से शुरू हुआ था मार्च
जानकारी के अनुसार शुक्रवार शाम लगभग 6 बजे मंच के सैकड़ों छात्र मोरहाबादी स्थित बापू वाटिका से मुख्यमंत्री का पुतला लेकर अलबर्ट एक्का चौक के लिए निकले. जुलूस कचहरी चौक होते हुए जेपीएससी कार्यालय पहुंचा. यहां प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच पहली नोकझोंक हुई.इसके बाद पुलिस ने छात्रों को निर्मल महतो चौक होते हुए लाइन टैंक रोड से जाने की इजाजत दे दी.
स्टेट लाइब्रेरी के पास पुतला छीनने पर मारपीट
जुलूस जैसे ही स्टेट लाइब्रेरी के पास पहुंचा, 8 से 10 युवक अचानक भीड़ में घुस गए और मंच के सदस्यों के हाथों से मुख्यमंत्री का पुतला छीनकर भागने लगे. इससे अफरातफरी मच गई. छात्रों ने दौड़ाकर युवकों को पकड़ लिया और पुतला वापस छीन लिया. इस दौरान पुतला लेकर भागने वाले दो युवकों के साथ मारपीट भी हुई, जिसमें शाहबाज नामक युवक के कपड़े फट गए. मंच के सदस्यों का आरोप है कि पुतला छीनने वाले झामुमो के कार्यकर्ता थे और उन्होंने जुलूस में शामिल छात्राओं के साथ दुर्व्यवहार भी किया. हंगामा बढ़ता देख प्रशासन ने बीच-बचाव कर दोनों युवकों को भीड़ से बचाया.
शहीद चौक पर धरना, पुलिस ने दिखायी सख्ती
घटना के बाद पुलिस ने छात्रों को अलबर्ट एक्का चौक जाने से रोक दिया और शहीद चौक की ओर ले गई. शहीद चौक पर छात्रों ने पुतला जलाने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने रोक दिया. विरोध में छात्र सड़क पर ही धरने पर बैठ गए. पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए छात्रों को उठाया, इस दौरान दोनों पक्षों में धक्का-मुक्की हुई. पुलिस छात्रों को पीछे धकेलते हुए वापस कचहरी चौक की ओर ले गई.
रांची विवि गेट पर पुलिस ने छीना पुतला, दो छात्र बेहोश
कचहरी चौक की ओर ले जाने के दौरान रांची विवि मुख्य द्वार के पास पुलिस ने छात्रों के हाथों से पुतला छीन लिया. साथ ही मंच के प्रतिनिधि कुणाल प्रताप को हिरासत में लेकर गाड़ी में बैठा लिया, लेकिन कुछ दूर ले जाकर छोड़ दिया. कचहरी चौक पर प्रदर्शन के दौरान कुणाल की तबीयत बिगड़ गई. पुलिस उसे और अन्य छात्र प्रतिनिधि रवींद्र पासवान को ई-रिक्शा से सदर अस्पताल ले गई, जहां दोनों को भर्ती कराया गया.
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सदर अस्पताल में भी हंगामा, पुलिस ने किया लाठीचार्ज
छात्रों के भर्ती होने की सूचना पर छात्र प्रतिनिधि पीयूष के साथ बड़ी संख्या में छात्र सदर अस्पताल पहुंच गए. भीड़ को देखते हुए अस्पताल प्रबंधन ने दोनों मुख्य द्वार बंद कर दिए. नाराज छात्र गेट के बाहर बैठ गए. स्थिति नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर छात्रों को खदेड़ दिया. कुछ छात्र इमरजेंसी वार्ड में घुस गए थे, जिन्हें भी बाहर निकाला गया.
घायल छात्रों से मिलने पहुंचे नवीन जायसवाल
सूचना मिलने पर हटिया विधायक नवीन जायसवाल और भाजपा जिला अध्यक्ष वरुण साहू अस्पताल पहुंचे और घायल छात्रों से मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने कहा कि झारखंड के लिए बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक दिन है. शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज़ उठा रहे युवाओं पर झामुमो कार्यकर्ताओं के हमले और प्रशासन के लाठीचार्ज की घटना ने लोकतांत्रिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं.
छावनी में तब्दील हुआ इलाका
हंगामे को देखते हुए सदर अस्पताल से लेकर अलबर्ट एक्का चौक तक के इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया. देर रात पुतला छीनने के आरोपी युवक शाहबाज को भी सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया. वहीं इलाज के बाद देर रात छात्र नेता कुणाल को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई.
क्यों फूंक रहे थे पुतला?
आंदोलन कर रहे छात्रों का आरोप है कि राज्य सरकार ने परीक्षाएं रद्द करने के मामले में हाईकोर्ट में मजबूती से अपना पक्ष नहीं रखा. सरकार की इसी कथित लापरवाही से नाराज होकर मंच ने पुतला दहन का कार्यक्रम तय किया था.
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प्रदर्शनकारियों ने दिए गए रूट का पालन नहीं किया
वहीं सिटी डीएसपी केवी रमण ने कहा कि प्रदर्शनकारियों ने पुलिस द्वारा दिए गए रूट का पालन नहीं किया और बिना अनुमति जेपीएससी कार्यालय के समक्ष हंगामा किया. भीड़ ने दूसरे गुट के लोगों के साथ मारपीट की. भीड़ को नियंत्रित करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया गया है.
