बाल विवाह मुक्त हो समाज : राजेश

जिला विधिक सेवा प्राधिकार रांची का कुच्चू में जागरूकता कार्यक्रम

प्रतिनिधि, ओरमांझी.

कुच्चू पंचायत सचिवालय परिसर में मंगलवार को बाल विवाह के खिलाफ 100 दिवसीय कार्रवाई अंतर्गत आशा अभियान के तहत बाल विवाह की रोकथाम के लिए विधिक जागरूकता कार्यक्रम हुआ. जिसमें एलएडीसी राजेश कुमार सिन्हा ने कहा कि भारत में बाल विवाह को रोकने के लिए बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 लागू है. जिसके तहत लड़के की शादी की न्यूनतम आयु 21 वर्ष तथा लड़की की न्यूनतम आयु 18 वर्ष निर्धारित है. इनसे कम आयु में किया गया विवाह कानूनन अपराध है. इस अधिनियम के अंतर्गत माता-पिता, अभिभावक, रिश्तेदार, पंचायत सदस्य, पुजारी, मौलवी अथवा कोई भी व्यक्ति जो बाल विवाह कराता है, उसमें सहयोग करता है या प्रोत्साहित करता है, वह कानूनन अपराधी माना जाता है. उनके विरुद्ध दो वर्ष तक का कारावास तथा एक लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है. पीएलवी डॉ अनिल कुमार वर्मा ने नालसा से संचालित स्कीम डॉन पर फोकस करते हुए कहा कि नशा से तन, मन व धन की हानि होती है. कहा कि युवा नशा नहीं करें, बल्कि अपने भविष्य को संवारें. इस अवसर पर पीएलवी संतोष कुमार, आशीष बैठा, रामजीत महतो, रानी ठाकुर, किरण कुमारी, दीपक गंझू, शीला तिग्गा सहित अन्य लोग मौजूद थे.

फ्लैग :::: जिला विधिक सेवा प्राधिकार रांची का कुच्चू में जागरूकता कार्यक्रम, एलएडीसी राजेश कुमार सिन्हा ने कहाB

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >