द्वितीया तिथि रात 2:48 बजे तक, इसके बाद तृतीया होगी शुरू
रांची. शारदीय नवरात्र सोमवार से प्रारंभ हो गया. अहले सुबह से ही पूजा-अर्चना की तैयारी शुरू हो गयी थी. घरों और मंदिरों में कलश स्थापना की गयी. इसके बाद जवा रोपण कर अखंड दीप प्रज्वलित किया गया. नवरात्र के प्रथम दिन मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप शैलपुत्री की पूजा-अर्चना की गयी. इसके बाद दुर्गा सप्तशती का पाठ, आरती, पुष्पांजलि और प्रसाद वितरण किया गया. शाम में भी भक्तों ने आरती उतारकर प्रसाद अर्पित किया और भजन-कीर्तन गाकर माता रानी का ध्यान किया. मंगलवार को मां के दूसरे स्वरूप ब्रह्मचारिणी देवी की पूजा-अर्चना की जायेगी. इसी दिन चंद्र दर्शन का योग भी है. द्वितीया तिथि रात 2:48 बजे तक रहेगी, इसके बाद तृतीया प्रारंभ हो जायेगी. रांची के विभिन्न दुर्गा मंदिरों में पूजा-अर्चना के लिए भक्तों की भारी भीड़ रही. श्रद्धालुओं ने माता रानी को प्रसाद, चुनरी और अन्य सामग्रियां अर्पित कीं.फूल बाजार और मिठाई की दुकानों में रौनक
नवरात्र के पहले दिन फूल की दुकानों में भारी भीड़ रही. अहले सुबह से ही दुकानें खुल गयी थीं, जहां अड़हूल, गेंदा और अन्य फूलों की मालाएं बिक रही थीं. बेलपत्र, दूर्वा, तुलसीदल और पान पत्ता की भी खरीदारी हुई. माला की ऊंची कीमत के कारण कई लोगों ने कृत्रिम मालाओं से ही पूजा-अर्चना की. वहीं, फल और मिठाई की दुकानों में भी चहल-पहल रही.सैनिक सम्मान के साथ जैप वन में घट स्थापना
जैप वन स्थित दुर्गा मंदिर में सैनिक सम्मान के साथ घट स्थापना की गयी. इस अवसर पर मंदिर को भव्य रूप से सजाया गया था. पंडित सहदेव उपाध्याय ने पूजा संपन्न करायी. पूजा में जैप समादेष्टा राकेश रंजन सहित अन्य अधिकारी शामिल हुए. यहां 52 महिलाओं ने पूजा-अर्चना की और 52 अखंड दीप प्रज्वलित किये गये. साथ ही 95 किलो जवा का रोपण और ध्वज स्थापना की गयी. बड़ी संख्या में गोरखा परिवारों के सदस्य सहित अन्य भक्त उपस्थित रहे. पूजा के बाद श्रद्धालुओं को टीका लगाकर प्रसाद वितरित किया गया.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
