रांची. रांची विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर हिंदी विभाग में मंगलवार को "हिंदी भाषा के विकास में अवरोधक तत्व" विषय पर संगोष्ठी आयोजित की गयी. विभागाध्यक्ष डॉ हीरानंदन प्रसाद ने हिंदी को ज्ञान-विज्ञान और रोजगार से जोड़ने पर जोर दिया. उन्होंने हिंदी के व्यवहारिक प्रयोग को बढ़ावा देने की आवश्यकता बतायी.
डॉ चंद्रिका ठाकुर ने हिंदी के प्रति आत्मसम्मान को आवश्यक बताया. डॉ सुनीता यादव ने नयी पीढ़ी को सहज और व्यावहारिक हिंदी से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया.
संगोष्ठी का संचालन डॉ कुमुदकला मेहता ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ सुनीता कुमारी ने किया.
