हिंदी के प्रति आत्मसम्मान से लेकर व्यावहारिक प्रयोग तक, संगोष्ठी में भाषा के विकास पर चर्चा

रांची विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग में 'हिंदी भाषा के विकास में अवरोधक तत्व' विषय पर संगोष्ठी हुई. विशेषज्ञों ने हिंदी को ज्ञान, विज्ञान और रोजगार से जोड़ने की वकालत की. नई पीढ़ी को व्यावहारिक हिंदी से जोड़ने पर भी बल दिया गया.

रांची. रांची विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर हिंदी विभाग में मंगलवार को "हिंदी भाषा के विकास में अवरोधक तत्व" विषय पर संगोष्ठी आयोजित की गयी. विभागाध्यक्ष डॉ हीरानंदन प्रसाद ने हिंदी को ज्ञान-विज्ञान और रोजगार से जोड़ने पर जोर दिया. उन्होंने हिंदी के व्यवहारिक प्रयोग को बढ़ावा देने की आवश्यकता बतायी.

डॉ चंद्रिका ठाकुर ने हिंदी के प्रति आत्मसम्मान को आवश्यक बताया. डॉ सुनीता यादव ने नयी पीढ़ी को सहज और व्यावहारिक हिंदी से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया.

संगोष्ठी का संचालन डॉ कुमुदकला मेहता ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ सुनीता कुमारी ने किया.

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By संजीव कुमार

संजीव कुमार सिंह, वर्तमान में प्रभात खबर, रांची में विशेष संवाददाता के पद पर कार्यरत हैं. वह 14 वर्षों (2005 से 2019) तक प्रभात खबर रांची में मुख्य संवाददाता रहे हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 29 वर्षों का अनुभव है. लंबे पत्रकारिता जीवन में खोजी, विश्लेषणात्मक और जनसरोकार से जुड़े विषयों पर अनेक महत्वपूर्ण रिपोर्टें प्रकाशित की हैं. प्रभात खबर द्वारा बेस्ट रिपोर्टर का अवार्ड भी दिया गया. इनकी विशेष पहचान झारखंड के उच्च शिक्षा तंत्र, विश्वविद्यालयों, प्रतियोगी परीक्षाओं, सरकारी नियुक्तियों व प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर गहन और तथ्यपरक रिपोर्टिंग के लिए रही है. झारखंड लोक सेवा आयोग के गठन के बाद सिविल सेवा, व्याख्याता, इंजीनियर, जैसी नियुक्तियों में गड़बड़ी को उजागर किया.

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