खलारी. खलारी टी-2 टाइप में नारी शक्ति सेना के तत्वावधान में भारत की प्रथम महिला शिक्षिका मां सावित्रीबाई फुले की जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनायी गयी. कार्यक्रम की अध्यक्षता अंजलि देवी ने की. कार्यक्रम की शुरुआत सभी महिलाओं द्वारा मां सावित्रीबाई फुले के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई. इसके बाद उनके जीवन, संघर्ष और महिलाओं की शिक्षा के क्षेत्र में किए गए ऐतिहासिक योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला गया. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नारी शक्ति सेना की अध्यक्ष सरोज चौधरी ने कहा कि आज देश में महिलाएं चाहे किसी भी जाति या धर्म की हों, यदि वे प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, न्यायाधीश, वकील, डाक्टर या अन्य उच्च पदों पर सेवा दे रही हैं, तो इसके पीछे मां सावित्रीबाई फुले द्वारा जलाए गए ज्ञान की ज्योति का ही प्रभाव है. उन्होंने कहा कि वर्ष 1848 में सावित्रीबाई फुले ने पाखंडी और रूढ़िवादी समाज का सामना करते हुए महिलाओं के शैक्षणिक अधिकार के लिए पहला बालिका विद्यालय खोलकर सामाजिक क्रांति की नींव रखी. कार्यक्रम के अंत में मां सावित्रीबाई फुले के विचारों को आत्मसात करने तथा महिलाओं को शिक्षा के प्रति और अधिक जागरूक करने का संकल्प लिया गया. संचालन राधा देवी ने किया. इस अवसर पर कौशल्या देवी, माया देवी, रूबी देवी, शारदा देवी, खुशबू देवी, देवंती देवी, गुड़िया देवी सहित नारी शक्ति सेना की कई सदस्याएं उपस्थित थी.
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