सम्मेद शिखर विवाद: CM हेमंत सोरेन का जैन समाज के लोगों को अश्वासन- चिंता न करें, देख रहे हैं हम

सम्मेद शिखर विवाद: भारत सरकार द्वारा जो गजट नोटिफिकेशन हुआ है, उसे लेकर यह विवाद खड़ा हुआ है. झारखंड सरकार की ओर से हमलोगों ने कोई टीका-टिप्पणी नहीं की है और न ही कोई निर्णय लिया है.

सम्मेद शिखर विवाद: हम देख रहे हैं कि सम्मेद शिखर को लेकर क्या हल निकल सकता है. किसी को चिंता करने की जरूरत नहीं है. सभी समाज और सभी धर्मों के प्रति हमारा सम्मान है. ये बातें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को प्रोजेक्ट भवन में कही. वे मीडिया द्वारा सम्मेद शिखर को लेकर किये गये सवाल का जवाब दे रहे थे. श्री सोरेन ने कहा कि इस विषय पर मैं बहुत ज्यादा बात नहीं रख पाऊंगा, क्योंकि इस विषय को बहुत अंदर तक नहीं देख पाया हूं.

लेकिन, भारत सरकार द्वारा जो गजट नोटिफिकेशन हुआ है, उसे लेकर यह विवाद खड़ा हुआ है. राज्य सरकार की ओर से हमलोगों ने कोई टीका-टिप्पणी नहीं की है और न ही कोई निर्णय लिया है. यह निर्णय किस संदर्भ में और कैसे लिया गया है, इस पर थोड़ी जानकारी लेनी होगी. लेकिन, क्या हल हो सकता है, यह हम जरूर देखेंगे.

जैन समाज धर्मस्थल घोषित करने की मांग कर रहा है, इस पर सीएम ने कहा कि इस मामले की मीडिया ट्रायल करने की जरूरत नहीं है. इसमें कानूनी पक्ष क्या हो सकते हैं, यह हम देख रहे हैं. गृहमंत्री अमित शाह के चाईबासा कार्यक्रम पर सीएम ने कहा कि उनके चाईबासा आने की कोई आधिकारिक सूचना नहीं है.

सम्मेद शिखर विवाद: सड़क पर उतरे जैन समुदाय के लोग

आपको बता दें कि गिरिडीह स्थित श्री सम्मेद शिखरजी पारसनाथ पर्वतराज को पर्यटन स्थल घोषित किये जाने के विरोध में मंगलवार को राजधानी रांची में विशाल मौन पदयात्रा निकाली गयी. इसमें बड़ी संख्या में जैन समाज, मारवाड़ी समाज और अन्य संगठनों के पुरुष व महिलाएं शामिल थे. दूसरी तरफ सम्मेद शिखर की पवित्रता बनाये रखने के लिए जयपुर में आमरण-अनशन कर रहे जैन मुनि सुज्ञेयसागर महाराज ने मंगलवार सुबह छह बजे अपने प्राण त्याग दिये.

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Published by: Prabhat khabar news desk

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