सदका-ए-फित्र तय, एदार-ए-शरीया झारखंड ने 72, दारुल कजा इमारत शरीया रांची ने 60 रुपए देने को कहा

रांची के लिए सदका-ए-फित्र तय हो गया है. एदार-ए-शरीया झारखंड ने 72 रुपए देने को कहा है, तो दारुल कजा इमारत शरीया रांची ने 60 रुपए सदका-ए-फित्र तय किया है.

रांची, राज कुमार : झारखंड समेत पूरी दुनिया में इस्लाम को मानने वालों का सबसे पाक महीना माह-ए-रमजान शुरू हो गया है. झारखंड में इसके लिए सदका-ए-फित्र का ऐलान कर दिया गया है. एदार-ए-शरीया झारखंड ने प्रति व्यक्ति 72 रुपए सदका-ए-फित्र तय किया है, तो दारुल कजा इमारत शरीया रांची ने कम से कम 60 रुपए देने के लिए कहा है.

एदार-ए-शरीया झारखंड ने रांची में की बैठक

गुरुवार (14 मार्च 2024) को 3 रमजान-उल-मुबारक 1445 हिजरी को एदार-ए-शरीया झारखंड के नाजिम-ए-आला मौलाना कुतुबुद्दीन रिजवी की पहल पर प्रदेश कार्यालय इस्लामी मरकज, हिंदपीढ़ी रांची में काजी-ए-शरीयत मौलाना मुफ्ती फैजुल्लाह मिस्बाही की अध्यक्षता में मुफ्तीयाने केरान, उलेमा, मस्जिदों के इमाम और जिम्मेदारों की बैठक हुई.

गरीबों, बेसहारा, मदरसों और यतीमों के लिए देते हैं सदका-ए-फित्र

इसमें रमजान-उल-मुबारक में गरीबों, बेसहारा, मदरसों और यतीमों के लिए निकाले जाने वाले सदका-ए-फित्र के संबंध में चर्चा हुई. एदारा की सर्वे टीम के सदस्यों मौलाना नेजामुद्दीन, कारी मुजीबुर रहमान, मौलाना गुलाम हैदर की रिपोर्ट पर गेहूं की कीमत पर चर्चा के बाद सदका-ए-फित्र पर फैसला लिया गया.

रांची के बाजार में 35 रुपए की दर से बिक रही गेहूं

बैठक में कहा गया कि इस समय रांची के बाजार में गेहूं 35 रुपए प्रति किलो है. शरीयत में व्यवस्था है कि हर व्यक्ति अपने और अपने बच्चों की तरफ से 2.045 किलोग्राम गेहूं या इसकी कीमत के बराबर पैसा गरीबों के नाम दान करें. 2.045 ग्राम गेहूं की कीमत 71.75 रुपए बनता है. इसलिए रांची व आसपास के मुसलमान सदका-ए-फित्र प्रति व्यक्ति 72 रुपये अदा करें.

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72 रुपए सदका-ए-फित्र देने का हुक्म

एदार ए शरीया झारखंड ने कहा कि 72 रुपए का हुक्म सिर्फ रांची व आसपास के इलाकों के लिए है. झारखंड के अन्य शहरों व क्षेत्रों के लिए वहां के बाजारों में गेहूं की कीमत के हिसाब से राशि तय की जाएगी. इसके लिए एदार-ए-शरीया झारखंड ने हर जिले व शहर में रह रहे मुफ्तीयान-ए-केराम व उलेमा को अधिकृत किया है.

ये लोग थे बैठक में मौजूद

बैठक में मौलाना कुतुबुद्दीन रिजवी, मौलाना डॉक्टर ताजुद्दीन रिजवी, मुफ्ती फैजुल्लाह मिसबाही, मुफ्ती एजाज हुसैन मिस्बाही, कारी अयूब रिजवी, मौलाना फारूक मिस्बाही, मौलाना नेजामुद्दीन मिस्बाही, कारी मुजीबुर रहमान, मौलाना गुलाम हैदर, अकीलुर रहमान, मो जमीरुद्दीन व अन्य शामिल थे.

दारूल कजा इमारत शरीया रांची ने कही ये बात

दारूल कजा इमारत शरीया रांची ने कहा है कि गेहूं के अलावा जौ, पनीर, किशमिश और खजूर से भी सदका-ए-फित्र अदा करें. दारूल कजा के काजी शरीयत मुफ्ती मोहम्मद अनवर कासमी ने कहा है की सदका-ए-फित्र में जो लोग गेहूं या उसका आटा देना चाहें, वे प्रति व्यक्ति 1.692 किलोग्राम के हिसाब से अदा करें. जो लोग उसकी कीमत देना चाहें, वे वर्ष 2024 में प्रति व्यक्ति कम से कम 60 रुपए के हिसाब से अदा करें.

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जौ, पनीर, किशमिश और खजूर भी दे सकते हैं

काजी ने कहा कि जिन लोगों को गुंजाइश हो, उन्हें गेहूं के अलावा जौ, पनीर, किशमिश और खजूर से भी सदका-ए-फित्र अदा करना चाहिए, ताकि गरीबों को अधिक लाभ हो. जो लोग जौ, पनीर, किशमिश या खजूर देना चाहें, वे वर्तमान वजन के अनुसार 3.384 किलोग्राम प्रति व्यक्ति के हिसाब से अदा करें. इसकी राशि अदा करने की सूरत में वर्ष 2024 में प्रति व्यक्ति जौ के कम से कम एक 155 रुपए, खजूर के 1,185 रुपए, किशमिश में 914 रुपए और पनीर के 1,092 रुपए अदा करें.

1.692 किलो गेहूं या उसका सदका-ए-फित्र दें

उन्होंने कहा कि यह रांची शहर के लिए औसत मूल्य के आधार पर तय किया गया है. रांची के बाहर अन्य स्थानों पर 1.692 किलो गेहूं या उसका आटा, इसी तरह 3.384 किलो जौ, पनीर, किशमिश और खजूर की जो कीमत होती है, उसके हिसाब से अदा किया जाए.

अपनी इच्छा से ज्यादा भी दे सकते हैं

काजी ने कहा कि यह कम से कम है, जो लोग इससे ज्यादा देना चाहें, वे स्वेच्छा से अधिक भी दे सकते हैं. उन्होंने कहा कि सदका-ए-फित्र हर ऐसे मुसलमान पर अपने और अपनी नाबालिग औलाद की तरफ से ईद की नमाज से पहले पहले अदा करना जरूरी है, जो मालिक-ए-नेसाब हो.

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