अभियंताओं की कमी से धीमा पड़ा ग्रामीण सड़क निर्माण

ग्रामीण सड़कों के निर्माण के लिए ग्रामीण कार्य विभाग को तीन मुख्य अभियंता और आठ अधीक्षण अभियंता की जरूरत है. विभाग में मुख्य अभियंता और अधीक्षण अभियंता स्तर के इंजीनियर नहीं हैं.

रांची. ग्रामीण सड़कों के निर्माण के लिए ग्रामीण कार्य विभाग को तीन मुख्य अभियंता और आठ अधीक्षण अभियंता की जरूरत है. विभाग में मुख्य अभियंता और अधीक्षण अभियंता स्तर के इंजीनियर नहीं हैं. केवल कार्यपालक अभियंता से ही पूरा विभाग चल रहा है. इस स्तर के अभियंता को ऊपर का पद प्रभारी व्यवस्था के तहत दिया गया है. ऐसे में विभाग ने पथ निर्माण विभाग से अधीक्षण अभियंता और मुख्य अभियंता स्तर के इंजीनियरों की मांग की है. अभियंताओं के नहीं होने का असर सीधा काम पर पड़ रहा है. ग्रामीण सड़कों की कार्य प्रगति अच्छी नहीं है. खासकर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में भी राज्य काफी पीछे है.

ये पद हैं खाली

विभाग में अभियंता प्रमुख का पद खाली है. इसके साथ ही मुख्य अभियंता जेएसआरआरडीए व मॉनिटरिंग का पद भी खाली पड़ा है. ऐसे में तत्काल तीन मुख्य अभियंता की जरूरत है. वहीं सारे अंचलों में कार्यपालक अभियंताओं को प्रभार देकर काम कराया जा रहा है.

कार्यपालक अभियंता को बनाया है मुख्य अभियंता

ग्रामीण कार्य विभाग में मुख्य अभियंता के पद पर श्रवण कुमार हैं. वह कार्यकारी व्यवस्था के तहत काम कर रहे हैं. वह कार्यपालक अभियंता स्तर के हैं. फिलहाल उनकी पोस्टिंग बोकारो के कार्यपालक अभियंता के रूप में है. वहीं गिरिडीह के अधीक्षण अभियंता के पद पर भी वह प्रभारी व्यवस्था के तहत हैं. विभाग ने उन्हें मुख्य अभियंता का प्रभार दिया है. वह कभी बोकारो में कार्यपालक अभियंता का काम देखते हैं, फिर उससे ऊपर का पद गिरिडीह के अधीक्षण अभियंता के रूप में संभालते हैं. फिर विभाग के मुख्य अभियंता के रूप में भी काम करते हैं. इसे लेकर काफी चर्चा भी है.

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Published by: Praveen

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