RIMS Ranchi : रिम्स के प्रभारी निदेशक डॉ डीके सिन्हा ने सीनियर और जूनियर डॉक्टरों को ओपीडी ड्यूटी में 1 घंटे की छूट दी है. उन्होंने शनिवार को पत्रकारों से कहा कि शहर में जाम की समस्या रहती है और गाड़ी में भी दिक्कत हो सकती है. इसलिए अगर डॉक्टर सुबह 9:30 या 10 बजे तक ओपीडी में पहुंचते हैं तो क्षम्य है, लेकिन कोई लगातार एक सप्ताह तक ऐसा करता है तो कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि निर्धारित ड्यूटी समय का पालन सभी रिम्स कर्मियों के लिए जरूरी है.
डॉक्टरों को रिम्स में पूरा समय देना होगा : निदेशक
निजी प्रैक्टिस पर उन्होंने स्पष्ट किया कि सुबह 9 से शाम 5 बजे तक का समय रिम्स को देना है. इस दौरान निजी प्रैक्टिस करना गलत है और सबूत मिलने पर कार्रवाई होगी. डॉ सिन्हा ने कहा कि एसबीआइ के पास बंद गेट को खोला जाएगा. दिन में गेट खुला रहेगा, जबकि रात में बंद रहेगा. एंबुलेंस आने पर तैनात जवान गेट खोल देंगे. इससे बरियातू थाना के सामने वाले गेट से आने वाले मरीजों को सुविधा मिलेगी. उन्होंने बताया कि मीडिया से बातचीत के लिए प्रतिदिन शाम पांच बजे पीआरओ उपलब्ध रहेंगे. मीडिया प्रतिनिधियों से उन्होंने कहा कि इलाज में डॉक्टरों को परेशानी न हो, इस पर ध्यान दें.
दवा और सर्जिकल आइटम के पर्याप्त स्टॉक
निदेशक ने कहा कि अक्सर मरीजों के परिजन कॉटन, गॉज और सिरिज बाहर से लाने को मजबूर होते हैं. यह गलत है, क्योंकि रिम्स आने वाले 90 फीसदी मरीज आर्थिक रूप से कमजोर होते हैं. उनके लिए छोटा सामान भी खरीदना मुश्किल होता है. इसलिए ऐसी व्यवस्था की जाएगी कि दवा और सर्जिकल आइटम का पर्याप्त स्टॉक रहे.
निदेशक से मिलने वालों का लगा रहा तांता
रिम्स के प्रभारी निदेशक बनाए जाने पर शनिवार को निदेशक कार्यालय में डॉ डीके सिन्हा से मिलने वालों का तांता लगा रहा. सुबह 9 बजे से ही सीनियर, जूनियर और रिम्स के कर्मचारी उनसे मिलने पहुंचे. बधाई देने का सिलसिला शाम 5 बजे तक जारी रहा.
