Ranchi news : छात्रों व शिक्षकों को प्रोत्साहित करने के लिए पुरस्कार योजना लागू
विभाग ने सभी विवि को पत्र भेज कर सरकार की योजनाओं से विद्यार्थियों व शिक्षकों को अवगत कराने तथा इसे लागू करने का निर्देश दिया है.
रांची. उच्च व तकनीकी शिक्षा विभाग ने राज्य के विवि व कॉलेजों के विद्यार्थियों, शिक्षकों व संस्थानों को प्रोत्साहित करने के लिए नौ पुरस्कार योजना लागू की है. कैबिनेट से स्वीकृति के बाद विभाग ने इसका संकल्प जारी कर दिया है. साथ ही विभाग ने सभी विवि को पत्र भेज कर सरकार की योजनाओं से विद्यार्थियों व शिक्षकों को अवगत कराने तथा इसे लागू करने का निर्देश दिया है. यह पुरस्कार शोध कार्य, सामाजिक कार्य, नयी शिक्षा नीति, उच्च शिक्षा के क्षेत्र में असाधारण कार्य करने, इनोवेशन करने या फिर उच्च शिक्षा के विकास के लिए आजीवन योगदान देनेवालों को दिया जायेगा. इसकी राशि न्यूनतम एक लाख रुपये से अधिकतम आठ लाख रुपये निर्धारित की गयी है.
शोध रत्न के तहत प्रथम पुरस्कार दो लाख
जारी संकल्प के अनुसार झारखंड राज्य शोध रत्न (छात्र वर्ग व शिक्षक वर्ग) के तहत प्रथम पुरस्कार दो लाख रुपये, द्वितीय पुरस्कार डेढ़ लाख रुपये व तृतीय पुरस्कार एक लाख रुपये निर्धारित है. यह पुरस्कार अर्थशास्त्र, सामाजिक विज्ञान, एप्लाइड साइंस, बेसिक साइंस, गणित, सांख्यिकी, जनजातीय भाषा, गैर जनजातीय भाषा में शोध करनेवाले को दिये जायेंगे. इसके अलावा उच्च शिक्षा के क्षेत्र में असाधारण योगदान पर संस्थान को प्रथम पुरस्कार स्वर्ण पदक व पांच लाख रुपये, द्वितीय पुरस्कार रजत पदक व चार लाख रुपये तथा तृतीय पुरस्कार कांस्य पदक व तीन लाख रुपये दिये जायेंगे. प्रत्येक तीन वर्ष में किसी संस्थान को एक बार ही यह पुरस्कार मिलेगा.
उत्कृष्ट व्यक्तिगत योगदान पुरस्कार
सरकार ने नयी शिक्षा नीति के सफल कार्यान्वयन के लिए उत्कृष्ट व्यक्तिगत योगदान पुरस्कार देने की घोषणा की है. यह पुरस्कार भी तीन वर्ष में एक बार मिलेगा. इसके तहत प्रथम पुरस्कार दो लाख रुपये, द्वितीय पुरस्कार डेढ़ लाख रुपये तथा तृतीय पुरस्कार एक लाख रुपये है. सरकार ने एनइपी के सफल कार्यान्वयन के लिए उच्च शिक्षण संस्थान के लिए पुरस्कार योजना लागू की है. इसमें प्रथम को पांच लाख, द्वितीय को चार लाख व तृतीय को तीन लाख रुपये मिलेंगे. राज्य इनोवेशन पुरस्कार (संस्थान) योजना के तहत प्रथम पुरस्कार पांच लाख, द्वितीय पुरस्कार चार लाख रुपये तथा तृतीय पुरस्कार तीन लाख रुपये रखे गये हैं.
राज्य इनोवेशन पुरस्कार (व्यक्तिगत) योजना
साथ ही राज्य इनोवेशन पुरस्कार (व्यक्तिगत) योजना भी लागू की गयी है. इसमें व्यक्तिगत रूप से इनोवेशन करनेवाले छात्र व शिक्षक को पुरस्कार मिलेंगे. इसमें प्रथम पुरस्कार दो लाख रुपये, द्वितीय पुरस्कार डेढ़ लाख रुपये व तृतीय पुरस्कार एक लाख रुपये है. पर्यावरण, सामाजिक तथा शासन विधि में उत्कृष्टता के लिए संबंधित शिक्षण संस्थान को भी पुरस्कार दिये जायेंगे. इसके तहत प्रथम पुरस्कार पांच लाख रुपये, द्वितीय पुरस्कार चार लाख रुपये व तृतीय पुरस्कार तीन लाख रुपये है. इसके अलावा उच्च शिक्षा के क्षेत्र में आजीवन योगदान के लिए मुख्यमंत्री पुरस्कार व्यक्ति या समूह को दिया जायेगा. इसमें कम से कम 20 वर्ष का अनुभव जरूरी है. इसमें अधिकतम आठ लाख रुपये दिये जायेंगे. यह पुरस्कार एक बार ही मिलेगा.
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