रांची. द इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आइसीएआइ), रांची शाखा और एकाउंटिंग स्टैंडर्ड्स बोर्ड के तत्वावधान में आइसीएआइ भवन में सेमिनार का आयोजन किया गया. यह सेमिनार वित्तीय विवरणों से संबंधित अद्यतन दिशा-निर्देशों और लेखांकन मानकों पर था. नयी दिल्ली के विशेषज्ञ सीए कमल गर्ग ने कहा कि नन कॉर्पोरेट संस्था व्यक्तिगत व्यवसाय, साझेदारी फर्म्स, एचयूएफ और अन्य गैर-सूचीबद्ध संस्थाएं अपने वित्तीय विवरणों को एकरुपता, पारदर्शिता और लेखांकन मानकों के अनुरूप तैयार करें. यदि कोई क्लाइंट (गैर-कार्पोरेट संस्था) आइसीएआइ द्वारा जारी मार्गदर्शन नोट और प्रस्तावित प्रारुपों का पालन नहीं करता है, तो एक चार्टर्ड एकाउंटेंट की रिपोर्टिंग प्रक्रिया और पेशेवर जिम्मेदारियां स्पष्ट रूप से दी हुई है कि उसे अपनी अंकेक्षण रिपोर्ट में इस पर रिपोर्टिंग करनी है. कमल गर्ग ने कहा कि आइसीएआइ द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना चार्टर्ड एकाउंटेंट्स की पेशेवर जिम्मेदारी है. इन परिवर्तनों की जानकारी न केवल ऑडिट रिपोर्ट की गुणवत्ता में सुधार लाती है, बल्कि करदाताओं और हितधारकों को भी अधिक पारदर्शिता प्रदान करती है.
लेखांकन और रिपोर्टिंग में पारदर्शिता महत्वपूर्ण
रांची शाखा के अध्यक्ष सीए अभिषेक केडिया ने कहा कि आज लेखांकन और रिपोर्टिंग में पारदर्शिता काफी महत्वपूर्ण है. यह सेमिनार इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, ताकि हमारे सदस्य नये दिशा-निर्देशों और व्यावहारिक पहलुओं से सशक्त होकर कार्य कर सकें. मौके पर सीए दिलीप कुमार, पूर्व अध्यक्ष सीए बिनोद बंका, सीए महेंद्र जैन, सीए राज कुमार, सीए उदय जायसवाल, सीए संजीत श्रीवास्तव, सीए बिनोद पांडेय, सीए धर्मेंद्र सिन्हा, सीए प्रभात कुमार उपस्थित थे. संचालन रांची शाखा के सीपीइ कमेटी के अध्यक्ष सीए हरेंद्र भारती और धन्यवाद ज्ञापन सचिव सीए भुवनेश कुमार ठाकुर ने दिया.
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