Court News : सीजीएल परीक्षा-2023 के रिजल्ट प्रकाशन पर रोक हटाने से हाइकोर्ट का इनकार

राज्य सरकार से पूछा : पेपर लीक की सीआइडी जांच कब पूरी होगी

रांची. झारखंड हाइकोर्ट ने सामान्य स्नातक योग्यताधारी संयुक्त प्रतियोगिता (सीजीएल)-2023 के तहत 21 व 22 सितंबर को ली गयी परीक्षा में गड़बड़ियों की सीबीआइ जांच को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की. चीफ जस्टिस एमएस रामचंद्र राव व जस्टिस दीपक रोशन की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई के दौरान प्रार्थी व राज्य सरकार का पक्ष सुना. खंडपीठ ने सीजीएल परीक्षा के रिजल्ट प्रकाशन पर पूर्व में लगायी गयी रोक को हटाने से इनकार कर दिया. रिजल्ट प्रकाशन पर रोक बरकरार रखी. खंडपीठ ने राज्य सरकार से पूछा कि क्या जांच पूरी हो गयी है आैर मजिस्ट्रेट कोर्ट में फाइनल फार्म जमा हो गया है. इस पर महाधिवक्ता राजीव रंजन ने कहा कि पेपर लीक मामले की सीआइडी जांच अभी चल रही है. अब तक की जांच में पेपर लीक का कोई सबूत नहीं मिला है. महाधिवक्ता की दलील सुनने के बाद खंडपीठ ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद ही कोर्ट निर्णय करेगा. मामले की अगली सुनवाई के लिए खंडपीठ ने सात मई की तिथि निर्धारित की. इससे पूर्व राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता राजीव रंजन ने पक्ष रखते हुए खंडपीठ को बताया कि सीआइडी जांच चल रही है. जांच काफी आगे बढ़ गयी है, लेकिन पूरी नहीं हो पायी है. पेपर लीक का कोई सबूत अब तक नहीं मिला है. महाधिवक्ता ने रिजल्ट प्रकाशन पर लगी रोक को हटा लेने का आग्रह किया. वहीं प्रार्थी की अोर से वरीय अधिवक्ता अजीत कुमार ने महाधिवक्ता की दलील का विरोध किया. उन्होंने पूरक शपथ पत्र दायर कर खंडपीठ को बताया कि सरकार के एक अधिकारी ने सीजीएल परीक्षा के पहले ही प्रश्न का जवाब लिख कर एक डीएसपी को वाट्सएप पर भेजा था. अधिकारी से अधिकारी प्रश्न का जवाब वायरल किया गया था, इससे बड़ा सबूत अौर क्या हो सकता है. झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की ओर से अधिवक्ता संजय पिपरावाल ने पक्ष रखा. उल्लेखनीय है कि प्रार्थी प्रकाश कुमार व अन्य की ओर से जनहित याचिका दायर की गयी है. प्रार्थियों ने सीजीएल परीक्षा-2023 में पेपर लीक व अन्य गड़बड़ियों का आरोप लगाया है. सीजीएल परीक्षा रद्द करने तथा पूरे मामले की स्वतंत्र एजेंसी जैसे सीबीआइ या न्यायिक जांच कराने की मांग की है. याचिका में कहा गया है कि 21 व 22 सितंबर की सीजीएल परीक्षा में भारी गड़बड़ी हुई है. पेपर लीक, पेपर का सील खुला होना, बड़ी संख्या में प्रश्नों को रिपीट करने जैसी गड़बड़ी हुई है. सीबीआइ या न्यायिक जांच के माध्यम से मामले की गहन जांच जरूरी है.

2025 पदों पर नियुक्ति के लिए चल रही प्रक्रिया

वर्ष 2015 से सामान्य स्नातक योग्यताधारी संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा की प्रक्रिया चल रही है. सीजीएल परीक्षा-2023 में 3,04,769 अभ्यर्थी ही शामिल हुए थे. इस प्रक्रिया से विभिन्न विभागों में 2025 पदों पर चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति की जायेगी. जेएसएससी द्वारा सीजीएल परीक्षा ली जा चुकी है. इसकी फाइनल आंसर कुंजी भी प्रकाशित की जा चुकी है.

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By Sunil prasad

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