Ranchi Fire News, रांची (राजेश वर्मा की रिपोर्ट): राजधानी के नामकुम थाना क्षेत्र अंतर्गत रांची-जमशेदपुर मुख्य सड़क के लदनापीढी गांव में बुधवार को एक रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई. दरअसल हुआ यूं कि रजिस्ट्रार डॉ. एस. ऐ. हुसैन अपनी पत्नी यास्मीन हुसैन के साथ बुधवार को जमशेदपुर से रांची अपनी कार से लौट रहे थे, जिसे वह खुद (JH 05 BB 3599) ड्राइव कर रहे थे. सफर के दौरान लदनापीढी के पास अचानक उन्हें इंजन से धुआं निकलता महसूस हुआ. खतरे की आहट पाते ही उन्होंने बिना देर किए कार को सड़क किनारे खड़ा कर दिया.
दंपती के बाहर निकलते ही कार बनी आग का गोला
डॉ. हुसैन और उनकी पत्नी जैसे ही कार के दरवाजे खोलकर बाहर निकले, आग की लपटों ने पूरी गाड़ी को घेर लिया. पल भर में ही आग ने इतना विकराल रूप ले लिया कि हाईवे पर चलने वाले अन्य वाहन चालक भी सहम गए. आग इतनी तेजी से फैली कि कार के अंदर रखा कोई भी सामान निकाला नहीं जा सका और कुछ ही पलों में लाखों की गाड़ी लोहे के कंकाल में तब्दील हो गई.
फायर ब्रिगेड की कार्रवाई और पुलिस की जांच
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीम मौके पर पहुंची. दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक नुकसान हो चुका था. पुलिस ने जली हुई गाड़ी को कब्जे में ले लिया है. प्राथमिक जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट या कोई बड़ी तकनीकी खराबी मानी जा रही है.
सुरक्षा पर उठते सवाल
हाईवे पर चलती गाड़ी में आग लगने की इस घटना ने एक बार फिर वाहनों के नियमित मेंटेनेंस और अग्नि सुरक्षा उपकरणों की आवश्यकता पर ध्यान खींचा है. पुलिस अधिकारी ने बताया कि वे मामले की विस्तृत जांच कर रहे हैं ताकि आग लगने के सटीक कारणों का पता लगाया जा सके. फिलहाल, डॉ. हुसैन और उनकी पत्नी सुरक्षित हैं.
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