रांची से मनोज लाल की रिपोर्ट
Ranchi News: झारखंड के रामगढ़ स्थित इस्पात प्लांट में हुए हादसे के बाद राज्य सरकार सक्रिय हो गई है. श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग के मंत्री संजय प्रसाद यादव ने मामले को गंभीरता से लेते हुए घायल और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने जांच के निर्देश भी जारी किए.
श्रम मंत्री ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का जाना हाल
मंत्री संजय प्रसाद यादव मंगलवार को रांची के इटकी रोड स्थित देवकमल हॉस्पिटल पहुंचे, जहां हादसे में घायल लोगों का इलाज चल रहा है. उन्होंने घायलों से मुलाकात कर उनका हाल जाना और डॉक्टरों से इलाज की पूरी जानकारी ली. मंत्री ने अस्पताल प्रबंधन को निर्देश दिया कि सभी घायलों को बेहतर से बेहतर इलाज उपलब्ध कराया जाए और किसी भी तरह की लापरवाही न हो.
इलाज का खर्च उठाने का आश्वासन
घायलों के परिजनों से बातचीत के दौरान मंत्री ने भरोसा दिलाया कि इलाज में आने वाला पूरा खर्च वहन किया जाएगा. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है और हर संभव सहायता प्रदान करेगी. इस मौके पर विभागीय अधिकारी और कई जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे.
हाई लेवल जांच कमेटी के गठन का निर्देश
हादसे की गंभीरता को देखते हुए मंत्री ने विभागीय सचिव को पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि इस घटना की जांच के लिए एक हाई लेवल कमेटी का गठन किया जाएगा. कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों.
मृतकों के परिजनों से भी मिले मंत्री
मंत्री संजय प्रसाद यादव रामगढ़ पहुंचकर मृतकों के परिजनों से भी मिले. उन्होंने पीड़ित परिवारों को सांत्वना दी और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया. इस दौरान कंपनी प्रबंधन की ओर से मृतकों के आश्रितों को 21-21 लाख रुपये का मुआवजा चेक दिया गया.
सरकार ने दिया हर संभव सहयोग का भरोसा
मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पीड़ित परिवारों को विधि सम्मत हर प्रकार का सहयोग देगी. उन्होंने स्पष्ट किया कि हादसे के जिम्मेदार लोगों को बख्शा नहीं जाएगा. सरकार का उद्देश्य है कि पीड़ितों को न्याय मिले और औद्योगिक सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन हो.
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सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल
इस हादसे के बाद एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल उठने लगे हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सुरक्षा नियमों का सही तरीके से पालन किया जाए, तो इस तरह की घटनाओं को रोका जा सकता है. फिलहाल सभी की नजरें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे हादसे के असली कारणों का खुलासा होगा.
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