Ranchi Dog Hospital: रांची नगर निगम वार्ड नंबर पांच के बड़गाईं बस्ती में 2.05 करोड़ रुपये की लागत से कुत्तों का अत्याधुनिक अस्पताल और शेल्टर होम बनाने की योजना है. इसके लिए निगम ने 1.90 एकड़ जमीन चिह्नित कर ली है और बुधवार को टेंडर जारी कर दिया गया. इच्छुक संवेदक 21 सितंबर तक आवेदन कर सकते हैं. 24 सितंबर को टेंडर फाइनल होगा. चयनित संवेदक को कार्यादेश मिलने के बाद नौ माह में निर्माण पूरा करना होगा.
निर्माण प्रक्रिया शुरू होते ही विरोध में उतरे लोग
अस्पताल निर्माण की प्रक्रिया शुरू होते ही स्थानीय लोग विरोध में उतर आये. मंगलवार को निगम और इंफोर्समेंट टीम जमीन की नापी करने पहुंची थी, लेकिन स्थानीय लोगों ने अमीन को नापी से रोक दिया. विरोध के दौरान पूर्व पार्षद हुस्ना आरा ने कहा कि इस जमीन को पार्क या मैदान के रूप में विकसित करने की मांग तीन वर्ष पहले ही निगम से की गयी थी. इसके बावजूद यहां कुत्तों का अस्पताल और शेल्टर होम बनाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि अस्पताल बनने के बाद पूरे शहर के आवारा कुत्तों का जमावड़ा बड़गाईं में होगा, जिससे स्थानीय लोगों को परेशानी होगी. निवासियों ने कहा कि आबादी वाले क्षेत्र में इस तरह की सुविधा बनाना उचित नहीं है.
झिरी में अस्पताल बनाने की मांग
स्थानीय लोगों ने प्रस्तावित अस्पताल और शेल्टर होम को झिरी शिफ्ट करने की मांग की है. उनका कहना है कि झिरी में निगम के पास पर्याप्त खाली जमीन है और वहां आबादी भी कम है. ऐसे में कुत्तों के अस्पताल और शेल्टर होम के लिए झिरी अधिक उपयुक्त स्थान हो सकता है. लोगों ने निगम से बड़गाईं में अस्पताल निर्माण की योजना पर पुनर्विचार करने और प्रस्तावित स्थल को पार्क या खेल मैदान के रूप में विकसित करने की मांग की है.
इसे भी पढ़ें: जयराम महतो की विधायकी गई तो होगा आंदोलन! समर्थकों ने खोला मोर्चा, पुलिस की कार्यशैली पर उठाए सवाल
क्या कहती हैं रांची की मेयर
रांची की मेयर रोशनी खलखो ने कहा, 'कुत्तों के अस्पताल निर्माण को लेकर स्थानीय निवासियों के साथ-साथ पूर्व पार्षद हुस्ना आरा की ओर से भी आपत्ति जतायी गयी है. गुरुवार को निगम बोर्ड की बैठक है. इसमें इस मुद्दे पर अफसरों के साथ विस्तार से चर्चा की जायेगी.'
इसे भी पढ़ें: झारखंड में जल्द लागू हो एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट, बार काउंसिल ने राज्यपाल और मुख्यमंत्री से की मांग
