भाकपा माले और मासस के विलय पर बनी सहमति

मार्क्सवादी समन्वय समिति (मासस) का भाकपा माले के साथ विलय के प्रस्ताव पर दोनों संगठनों की केंद्रीय कमेटियों के प्रतिनिधिमंडल के बीच बातचीत हुई

रांची. मार्क्सवादी समन्वय समिति (मासस) का भाकपा माले के साथ विलय के प्रस्ताव पर दोनों संगठनों की केंद्रीय कमेटियों के प्रतिनिधिमंडल के बीच बातचीत हुई. पुराना विधानसभा सभागार में दोनों पार्टियों के केंद्रीय नेतृत्व के बीच हुई यह वार्ता में कई विचारों और पार्टी लाइन पर सहमति बनी. इसके बाद विलय की प्रक्रिया पर जल्द ही अंतिम फैसला मासस की केंद्रीय कमेटी और भाकपा माले के पोलित ब्यूरो की बैठक में लेने की बात कही गयी. मासस के महासचिव हलधर महतो और भाकपा-माले के पोलित ब्यूरो सदस्य मनोज भक्त ने हस्ताक्षर किये. दोनों ही पार्टियों में आपस में विलय को लेकर वर्ष 2021 से ही बातचीत चल रही है. माले के महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने कहा कि मार्क्सवादी समन्वय समिति-मासस का भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन (भाकपा माले) के साथ विलय फासीवाद विरोधी आंदोलन को नयी ताकत देगा और कम्युनिस्ट आंदोलन में एकजुटता के साथ मजबूती पैदा करेगा.

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