सरहुल पूजा महासमिति ने शनिवार को प्रकृति पर्व सरहुल को लेकर शोभायात्रा निकाली.
By KEDAR MAHTO BERO | Updated at :
बेड़ो.
सरहुल पूजा महासमिति ने शनिवार को प्रकृति पर्व सरहुल को लेकर शोभायात्रा निकाली. शोभायात्रा में आदिवासी परंपरा के अनुसार प्रकृति नाच उठी और संस्कृति जीवंत हो गयी. शोभायात्रा में शामिल लोग मांदर की थाप व गीतों पर खूब थिरके. पाहनों ने सूप से लोगों को सरई फूल दिये. वहीं अबीर-गुलाल लगाकर महिलाओं और पुरुषों ने एक-दूसरे को सरहुल की बधाई व शुभकामनाएं दी. अध्यक्ष सुका उरांव ने कहा कि ये प्रकृति का महापर्व सरहुल समाज की परंपरा व संस्कृति को मजबूत करता है. शोभायात्रा बेड़ो डाकबंगला से बाजार टांड़, देवी मंडप, बेड़ो बस्ती अखाड़ा, छोटा सरना होते हुए महादानी मैदान में स्थित बड़ा सरना स्थल पहुंच कर शोभायात्रा सरहुल जतरा में तब्दील हो गयी. सरहुल शोभायात्रा में आर्कषक झांकी ने सबका मन मोह लिया. शोभायात्रा में कई गांवों खोड़हा दल शामिल हुए. कई सामाजिक संगठनों ने शोभायात्रा में शामिल लोगों के बीच चना, गुड़ व शरबत क वितरण किया.