Traffic Rule Violation: ईद और सरहुल के मौके पर सुबह 6.00 बजे से ही झारखंड की राजधानी रांची में यातायात नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाई गईं. रांची यातायात पुलिस से ईद और सरहुल को लेकर सुबह 6.00 बजे से शहर में भारी वाहनों के प्रवेश पर नो एंट्री लगा दी गई थी. लेकिन, सुबह से ही शहर में भारी वाहनों की आवाजाही पूर्ववत बनी रही. रांची-पटना रोड पर सुबह से ही बस, ट्रक और व्यावसायिक भारी वाहन तेजी से दौड़ते नजर आए. आलम यह कि इस रूट के चौक-चौराहों पर यातायात पुलिस कर्मचारी भी नदारद पाए गए.
नो एंट्री के बावजूद सड़कों पर दौड़े ट्रक और बसें
रांची यातायात पुलिस ने 21 मार्च 2026 को सुबह 6:00 बजे से शहर में भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी थी. इसके बावजूद रांची-पटना रोड समेत कई प्रमुख मार्गों पर ट्रक, बस और अन्य व्यावसायिक वाहन बेधड़क चलते नजर आए. यह स्थिति सुबह से ही बनी रही, जिससे साफ है कि नियमों का पालन कराने में प्रशासन पूरी तरह नाकाम रहा.
चौक-चौराहों पर पुलिस की गैरमौजूदगी
स्थिति को और गंभीर तब बना दिया, जब कई प्रमुख चौक-चौराहों पर यातायात पुलिस के जवान ही नदारद दिखे. जहां पुलिस की मौजूदगी होनी चाहिए थी, वहां सन्नाटा पसरा रहा. ऐसे में वाहन चालकों ने नियमों की खुलेआम अनदेखी की और बिना किसी डर के शहर में भारी वाहनों का परिचालन जारी रखा.
एडवाइजरी के बावजूद नहीं हुआ पालन
रांची यातायात पुलिस ने ईद और सरहुल को लेकर पहले ही एडवाइजरी जारी की थी. इसमें साफ तौर पर कहा गया था कि सुबह 6 बजे से भारी वाहनों की एंट्री पूरी तरह बंद रहेगी. इसके अलावा, दोपहर के बाद सामान्य वाहनों के परिचालन पर भी रोक लगाने की बात कही गई थी. लेकिन इन निर्देशों का जमीनी स्तर पर असर बेहद कम देखने को मिला.
भीड़ को देखते हुए किया गया था ट्रैफिक प्लान
प्रशासन ने यह फैसला इसलिए लिया था क्योंकि ईद के मौके पर शहर के ईदगाहों और मस्जिदों में भारी भीड़ जुटती है. वहीं सरहुल पर्व पर सरना स्थलों से शोभायात्रा निकलती है, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं. सुबह से शाम तक सड़कों पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए ट्रैफिक प्लान तैयार किया गया था.
डायवर्जन के बावजूद शहर में घुसे भारी वाहन
यातायात पुलिस के अनुसार, भारी वाहनों को रिंग रोड की ओर डायवर्ट किया गया था, ताकि शहर के अंदर भीड़भाड़ न हो. इसके अलावा छोटे मालवाहक व्यावसायिक वाहनों के प्रवेश पर भी पूरी तरह रोक लगाई गई थी. बावजूद इसके, शनिवार सुबह से ही शहर के अंदर भारी वाहन तेज गति से चलते दिखाई दिए.
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प्रशासन पर उठे सवाल
त्योहार के दिन इस तरह की लापरवाही ने प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं. जहां एक ओर लोगों की सुरक्षा और सुगम यातायात सुनिश्चित करने के लिए नियम बनाए गए थे, वहीं दूसरी ओर उनका पालन नहीं होना चिंताजनक है. ऐसे में यह जरूरी हो जाता है कि प्रशासन भविष्य में ऐसे मामलों पर सख्ती से अमल कराए, ताकि लोगों की सुरक्षा से कोई समझौता न हो सके.
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