Pahalgam Attack: IB अफसर मनीष रंजन के अंतिम संस्कार में लगे पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे, पार्थिव शरीर के साथ 15 किमी साथ चले लोग

Pahalgam Attack : पहलगाम हमले में मारे गये आईबी अफसर मनीष रंजन के अंतिम संस्कार में पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगे. स्थानीय लोगों ने उनके पार्थिव शरीर के साथ 15 किमी तक पैदल चले.

सिल्ली: पहलगाम में हुए आतंकी हमले में मारे गये झालदा निवासी आइबी अधिकारी मनीष रंजन मिश्रा गुरुवार को पंचतत्व में विलीन हो गये. झालदा की सपाही नदी श्मशान घाट पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनके पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार किया गया. हजारों लोगों ने नम आंखों से उन्हें विदाई दी. 10 साल का पुत्र रो-रोकर विचलित हो गया तो भाई विनीत मिश्रा ने मनीष रंजन को मुखाग्नि दी. इस दौरान लोगों ने जमकर भारत माता के जय और पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाये. आतंकी घटना के विरोध में गुरुवार को पूरा झालदा बंद रहा. स्थानीय लोगों ने स्वतः ही बंद रखीं दुकानें बंद रखी थी.

लोगों ने पार्थिव शरीर के साथ मुरी से झालदा तक की पैदल यात्रा

इससे पहले स्थानीय लोगों ने तिरंगा लहराते हुए मुरी से झालदा तक मनीष के पार्थिव शरीर के साथ स्काउट करते 15 किमी गये. झालदा में भी भारत माता की जय और पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाये गये. इससे पहले मनीष रंजन मिश्रा का पार्थिव शरीर गुरुवार को रांची से मुरी होते हुए दोपहर करीब 12:30 बजे उनके पैतृक निवास झालदा लाया गया. जैसे ही पार्थिव शरीर उनके घर पहुंचा, माहौल गमगीन हो गया. शहीद मनीष रंजन को अंतिम बार देखने के लिए झालदा सहित आसपास के गांवों से भारी संख्या में लोग उमड़ पड़े.

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अंतिम यात्रा में बंगाल भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार समेत ये लोग हुए शामिल

शव पहुंचने के बाद घर के आंगन में मनीष रंजन के पार्थिव शरीर को रखा गया. यहां सबसे पहले राज्य प्रशासनिक अधिकारियों ने पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी. इसके बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने भी श्रद्धांजलि दी. इससे पूर्व जैसे ही शहीद के पिता मंगलेश मिश्रा और परिजन उनके अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे. सबकी आंखें नम हो गयी. लोगों ने ‘भारत माता की जय’ और ‘पाकिस्तान मुर्दाबाद’ के नारे लगाये. दोपहर 2:30 बजे उनके निवास स्थान से शवयात्रा प्रारंभ हुई, जो न्यू बाघमुंडी रोड होते हुए बिरसा चौक और बस स्टैंड स्थित हिंदी प्राथमिक विद्यालय परिसर पहुंची. वहां स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने भी उन्हें श्रद्धांजलि दी. अंतिम यात्रा में केंद्रीय मंत्री व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार, पुरुलिया सांसद ज्योतिर्मय महतो, पूर्वविधायक नेपाल महतो, झालदा नगर के लोग शामिल हुए. बता दें कि शहीद मनीष रंजन केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन खुफिया विभाग में कार्यरत थे और वर्तमान में हैदराबाद में पदस्थापित थे. उनके पिता मंगलेश मिश्रा झालदा में एक उच्च विद्यालय से सेवानिवृत्त शिक्षक हैं

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By Sameer oraon

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

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