रांची. जिसके जीवन में लघुता नहीं आयेगी. उसके जीवन में प्रभुता नहीं आयेगी. उक्त संदेश रामकथा वाचक राजन जी महाराज ने दिया. वे मैथन पैलेश बरियातू रोड में आयोजित तीन दिवसीय श्री राम कथा में कथा का वाचन करने के लिए आये हैं. उन्होंने कहा कि आप पूजन-अर्चन और व्यस्त जीवन से समय निकालकर रामकथा में बैठे हैं, यह आपका भक्ति भाव ही है. शिव-पार्वती विवाह प्रसंग से कथा की शुरुआत कर कथा का शुभारंभ मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के स्मरण से किया. उन्होंने बताया कि रामकथा की शुरुआत इसी प्रसंग से इसलिए होती है क्योंकि गोस्वामी तुलसीदासजी ने संपूर्ण रामकथा शिवजी के श्रीमुख से कहलाई है. इसलिए कथा में प्रथम वंदना भोलेनाथ की होती है. राम कौन हैं? प्रश्न से आगे बढ़ी कथा में महाराज श्री ने भारद्वाज ऋषि और याज्ञवल्क्य ऋषि के संवाद का उल्लेख करते हुए रामत्व की व्याख्या की. उन्होंने कहा कि प्रश्न केवल इतना नहीं कि राम कौन हैं, बल्कि यह भी कि हम राम को अपने जीवन में कैसे उतारें. भक्ति सिर्फ पूजा-पाठ तक सीमित नहीं, बल्कि जीवन के हर कार्य में ईश्वर को केंद्र में स्थापित करना ही सच्चा साधन है. कथा के दौरान भजन पेश किया. इसमें राम को मांग ले मेरे प्यारे, उम्र भर का सहारा मिलेगा. सिर्फ इनके ही शरण में हमको जिंदगी भर गुजारा मिलेगा… कथा का श्रवण करने के लिए काफी संख्या में भक्त पहुंचे थे. पूरा आयोजन स्थल जय श्रीराम और हर-हर महादेव के जयघोष से गूंज रहा था. यह कथा गुरुवार को दिन के तीन बजे से चलेगी. वहीं, शुक्रवार को दिन के 11 बजे से कथा होगी. इसी दिन महाराज जी रात्रि विमान से कोलकाता के लिए प्रस्थान करेंगे.
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