अब अर्थ में ही सामर्थ्य : पद्मश्री अशोक भगत

पद्मश्री अशोक भगत ने कहा कि पहले लोगों को इनकम टैक्स का मतलब समझ में नहीं आता था. गांव के लोग टैक्स के बारे में नहीं जानते थे.

रांची. पद्मश्री अशोक भगत ने कहा कि पहले लोगों को इनकम टैक्स का मतलब समझ में नहीं आता था. गांव के लोग टैक्स के बारे में नहीं जानते थे. हमने बिशुनपुर के आदिवासी गांव में काम किया. लोग बैंक और लैम्प्स-पैक्स में खुलने वाले खाते के बारे में नहीं जानते थे. उनको जागरूक किया गया. चीजें बदलीं. अब लोग टैक्स जानते हैं. खाता जानते हैं. ग्लोबल दुनिया की बात करते हैं. अब अर्थ (आर्थिक) में ही सामर्थ्य समझते हैं. दिक्कत है कि अर्थ कुछ लोगों के हाथ में ही रह जा रहा है. पद्मश्री श्री भगत शनिवार को रांची क्लब परिसर में तीन दिनों से चल रहे टैक्स पेयर्स हब के समापन के मौके पर बोल रहे थे. श्री भगत ने कहा कि अब तो किसी भी राष्ट्र की मूल ताकत ही अर्थ हो गयी है. आज पूरी दुनिया इसी में लगी है.

कर देना मजबूरी नहीं, राष्ट्र सेवा है

सेवानिवृत्त प्रधान महानिदेशक (एचआरडी), नयी दिल्ली सैयद नासिर अली ने कहा कि इनकम टैक्स विभाग ने पिछले कुछ वर्षों में व्यापक बदलाव किया है. टैक्स देने वालों के लिए सुविधाजनक नियम बनाये गये हैं. टैक्स देना आसान हुआ है. करदाता अब कर देना भी चाहते हैं. उनको अब पता हो गया है कि कर देना मजबूरी नहीं है, राष्ट्र सेवा है. कर की राशि का संग्रह, सृजन और वितरण महत्वपूर्ण है. इसका उपयोग राष्ट्रसेवा में हो रहा है. आयकर विभाग के प्रति लोगों के विश्वास के कारण ही मंदी के दौर में भी भारत मजबूती से खड़ा रहा.

विशिष्ट सेवा के लिए सम्मान

इस मौके पर विशिष्ट सेवा के लिए अशोक झा, विनोद कुमार और ऋतु शर्मा को सम्मानित किया गया. बिहार-झारखंड के प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त जयंत मिश्र, रांची के मुख्य आयकर आयुक्त रंजन कुमार ने इनको सम्मानित किया.

स्कूली बच्चों के बीच शैक्षिक प्रतियोगिता

सुबह में राजधानी के स्कूली बच्चों के लिए एक प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता हुई. जिसका उद्देश्य कम उम्र से ही कराधान और नागरिक जिम्मेदारियों के बारे में जागरूकता बढ़ाना था. इसके बाद कक्षा 10 से 12 तक के छात्रों के लिए एक वाद-विवाद प्रतियोगिता हुई. केंद्रीय विद्यालय के आशुतोष वाद-विवाद प्रतियोगिता के विजेता बने.

नुक्कड़ नाटक और सांस्कृतिक कार्यक्रम

आवाज समूह द्वारा नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया. इसमें करों और रोजमर्रा की जिंदगी के बीच के संबंध को दिखाया गया. स्थानीय कलाकारों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम में झारखंड की समृद्ध विरासत का जश्न मनाया गया. लोक नृत्य, आदिवासी प्रदर्शनों और क्षेत्रीय गीतों से राज्य की विविध सांस्कृतिक छटा को दिखाया गया.

तकनीकी सत्र का आयोजन

तकनीकी सत्र में भारतीय राजस्व सेवा के अधिकारी रुपेश अग्रवाल ने रिटर्न दाखिल करने, टीडीएस प्रावधानों और वित्त अधिनियम के तहत हाल के बदलावों के बारे में बताया. नए आयकर विधेयक 2025 पर सीसीआइटी मुंबई अशोक झा ने जानकारी दी. इस मौके पर पीसीआइटी अमिताभ के सिन्हा, अपर सीसीआइटी आशीष देहरिया भी मौजूद थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Praveen

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >