Ranchi News : राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने वन विभाग के सचिव व हजारीबाग डीसी को भेजा नोटिस

15 दिनों में मांगा जवाब, समय से जवाब नहीं देने पर समन जारी करने की चेतावनी

वरीय संवाददाता, रांची. राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने झारखंड वन विभाग के सचिव अबू बकर सिद्दीकी पी और हजारीबाग की डीसी नैंसी सहाय को नोटिस भेजा है. आयोग के क्षेत्रीय कार्यालय के अनुसंधान पदाधिकारी प्रदीप कुमार दास ने इसमें नोटिस मिलने के 15 दिनों के अंदर जवाब देने को कहा है. समय पर जवाब नहीं देने पर आयोग ने समन जारी करने की बात भी कही है. मामला हजारीबाग जिला के एनटीपीसी पकरी-बरवाडीह (उत्तर पश्चिम) कोल परियोजना में गड़बड़ी से जुड़ा है. आयोग ने कहा है कि मामले में शिकायतकर्ता शनिकांत ने लिखित शिकायत की थी कि पकरी बरवाडीह (उत्तर-पश्चिम) कोल परियोजना में फॉरेस्ट क्लीयरेंस लेने के लिए वन अधिकार अधिनियम 2006 के तहत की गयी प्रक्रिया में भारी गड़बड़ी की गयी है. उक्त कोल परियोजना के लिए वन अधिकार अधिनियम 2006 के तहत दो बार प्रमाण पत्र निर्गत किया गया है. पहली बार वर्ष 2018 में परियोजना अंतर्गत विभिन्न ग्राम पंचायत में ग्राम सभा का आयोजन किया गया था. आरोप है कि ग्रामसभा वन अधिकार अधिनियम के मार्ग निर्देशिका के तहत नहीं किया गया. उसके नाम पर महज खानापूर्ति करते हुए गलत दस्तावेज तैयार किया गया और जिला प्रशासन ने प्रमाण पत्र भी निर्गत कर दिया. फिर से वर्ष 2023 में उसी परियोजना के लिए ग्रामसभा की प्रक्रिया दोबारा की गयी और वर्ष 2024 में जिला प्रशासन ने दोबारा वन अधिकार अधिनियम के तहत प्रमाण पत्र निर्गत कर दिया. जिसे वन विभाग ने पूर्व में हुई ग्रामसभा और दोबारा हुई ग्रामसभा में गड़बड़ियों की बिना छानबीन किये राज्य सरकार के माध्यम से भारत सरकार को भेज दिया. उल्लेखनीय है कि झारखंड के कल्याण विभाग ने भी हजारीबाग डीसी को तीन बार पत्र लिखकर उक्त मामले में रिपोर्ट मांगी थी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: SHRAWAN KUMAR

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >