बिजली की कमी नहीं, फिर भी कटौती, राज्य के उद्योग संकट में

झारखंड में गर्मी का सितम जारी है, ऊपर से लगातार बिजली की कटौती ने लोगों को बेदम कर रखा है. राजधानी समेत राज्य के तमाम हिस्सों में लगातार हो रही बिजली कटौती से लोग परेशान हैं. दिन हो या रात कभी भी बिजली कट जाती है.

वरीय संवाददाता (रांची).

झारखंड में गर्मी का सितम जारी है, ऊपर से लगातार बिजली की कटौती ने लोगों को बेदम कर रखा है. राजधानी समेत राज्य के तमाम हिस्सों में लगातार हो रही बिजली कटौती से लोग परेशान हैं. दिन हो या रात कभी भी बिजली कट जाती है. कई इलाकों में तो गर्मी के बीच बिजली की कटौती की वजह से लोग रतजगा करने को विवश हैं. बिजली कटौती के कारण राजधानी के छोटे-बड़े उद्योग संकट में हैं. बार-बार बिजली कटने से उत्पादन बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है. वहीं, उत्पादन लागत लगभग 30 प्रतिशत तक बढ़ गयी है. साथ ही घाटा भी झेलना पड़ रहा है. इससे उद्यमी परेशान हैं. राज्य में इस समय 2400 से 2500 मेगावाट बिजली की मांग है. डीवीसी कमांड एरिया में ही 600 मेगावाट, जबकि डीवीसी कमांड एरिया के बाहर 1800 से 1900 मेगावाट तक बिजली की मांग है. राज्य में अभी मांग के अनुरूप फुल लोड बिजली आपूर्ति हो भी रही है, इसके बावजूद हर जगह बिजली की समस्या बनी हुई है. पहले बिजली न होने से कटौती होती थी, अब लोड बढ़ने की बात कह कर बिजली काटी जा रही है. उद्योगों को पावर कट से कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. प्लास्टिक उद्योग से जुड़े उद्योगपतियों का कहना है कि एक बार मशीन बंद होने पर दूसरी बार मशीन चालू करने में लगभग 45 मिनट का समय लग जाता है. मशीन चालू रहने के दौरान बिजली कटती है, तो उसमें फंसा माल लगभग 40 प्रतिशत खराब हो जाता है. नतीजा यह हो रहा है कि पार्टी को समय पर माल नहीं दे पा रहे हैं. उद्यमियों का कहना है कि बिजली काटे जाने की पूर्व सूचना भी नहीं दी जाती है. अचानक बिजली कटने से खास कर प्लास्टिक उद्योगों का उत्पादन लागत बढ़ गया है.

फीडर में लगा है ओवर लोड रिले लोड बढ़ते ही हो जाता है ट्रिप :

दरअसल, राज्य के सभी पावर सब स्टेशनों के फीडरों में ओवर करेंट रिले और ओवर लोड रिले लगाया गया है. इसे सामान्य भाषा में ‘ट्रिपिंग डिवाइस’ कह सकते हैं. जैसे ही फीडर पर क्षमता से ज्यादा लोड पड़ता है, ओवर लोड रिले की वजह से बिजली खुद-ब-खुद कट जाती है. इसके बाद दोबारा फीडर को चालू किया जाता है. बिजली विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पहले लोड बढ़ने पर पावर ट्रांसफॉर्मर ही उड़ जाता था. यही वजह है कि ओवर लोड रिले लगाया गया है, ताकि बिजली कट जाये पर पावर ट्रांसफॉर्मर को क्षति न हो. लेकिन, वर्तमान में यही व्यवस्था लोगों के लिए आफत बन गयी है. दिन हो या रात लगातार बिजली कटती रहती है.

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