Ranchi News : को-ऑपरेटिव बैंक घोटाला में नहीं मिला कोई साक्ष्य

पुलिस ने अंतिम रिपोर्ट जमा की

रांची. को-ऑपरेटिव बैंक (झारखंड राज्य सहकारी बैंक) 1.23 करोड़ रुपये के घोटाला मामले में कोतवाली पुलिस ने छह वर्षों के बाद फाइनल फॉर्म (अंतिम रिपोर्ट) सीजेएम कोर्ट में जमा कर दी है. मामला वर्ष 2019 का है. अंतिम रिपोर्ट में रांची पुलिस ने कहा है कि जांच में किसी भी आरोपी के खिलाफ घोटाला के साक्ष्य नहीं मिले हैं. क्या था मामला : फरवरी 2019 में बैंक के तत्कालीन महाप्रबंधक सुशील कुमार ने कोतवाली थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी थी. इसमें बैंक के पूर्व महाप्रबंधक बृजेश्वर नाथ और वरीय प्रबंधक राजेश तिवारी सहित अन्य पर भवन की साज-सज्जा, मरम्मत, नवीनीकरण और नेटवर्किंग के नाम पर वित्तीय अनियमितता का आरोप लगाया गया था. प्राथमिकी में कहा गया था कि मरम्मत कार्य के लिए एक ठेकेदार को वास्तविक लागत 49 लाख 77 हजार रुपये की जगह 99 लाख 96 हजार रुपये का भुगतान कर दिया गया. यानी लगभग 50.19 लाख रुपये अधिक भुगतान किया गया. प्राथमिकी में तत्कालीन सहकारिता निबंधक श्रवण सहाय की अध्यक्षता में गठित जांच कमेटी की रिपोर्ट का भी उल्लेख था, जिसमें कहा गया था कि साजिश के तहत भवन नवीनीकरण के लिए पहले तीन अलग-अलग प्राक्कलन तैयार किये गये, जिसकी कुल राशि 73 लाख 29 हजार रुपये थी. बावजूद वास्तविक भुगतान इससे कहीं अधिक 50.19 लाख तथा 73 लाख 29 हजार यानि 1.23 करोड़ रुपये किया गया.

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By SUNIL PRASAD

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