नेताजी सुभाष चंद्र बोस के नाम पर बने एकमात्र पार्क से 36 लाख रुपए कमाता है रांची नगर निगम

नेताजी के नाम पर बने इस पार्क से भी नगर निगम ने कमाने का जरिया निकाल लिया है. इसके लिए एक-एक कर 21 दुकानदारों को यहां जगह अलॉट कर दिया गया है. बदले में ये दुकानदार निगम को हर महीने 1492 रुपये का किराया देते हैं. इस तरह एक पार्क से रांची नगर निगम को साल में 36 लाख रुपए की कमाई होती है.

रांची, उत्तम महतो : आज नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती है. उनकी याद में देश में कई कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं और उनकी पहचान को सम्मान दिया जाता है. दूसरी ओर अपने शहर रांची में उनके नाम पर मौजूद एकमात्र पार्क को नगर निगम खुद ही बर्बाद करने पर अमादा है. नेताजी सुभाष चंद्र बोस पार्क कचहरी चौक के पास स्थित है. इसमें नेताजी की आदमकद प्रतिमा लगी हुई है. इस पार्क की देखरेख करने की बजाय निगम ने इसे कुछ पैसे कमाने की लालच में फूल और पौधे बेचनेवालों के नाम बंदोबस्त कर दिया है. नतीजा यहां आनेवाले लोगों को यह पार्क कम दिखता है और यहां केवल फूल विक्रेताओं की ही दुकानें दिखती हैं. वैसे नेताजी की जयंती के दिन दुकानदार अपनी दुकानों को थोड़ा खिसका लेते हैं, लेकिन फिर आम दिनों में पूरे पार्क में फूल बेचनेवालों का ही कब्जा रहता है.

1492 रुपये एक दुकानदार से लेता है निगम

नेताजी सुभाष चंद्र बोस के नाम पर बने इस पार्क से भी रांची नगर निगम ने कमाने का जरिया निकाल लिया है. इसके लिए एक-एक कर 21 दुकानदारों को यहां जगह अलॉट कर दिया गया है. बदले में ये दुकानदार निगम को हर महीने 1492 रुपये का किराया देते हैं. इस प्रकार से एक माह में निगम इस पार्क से तीन लाख और एक साल में 36 लाख रुपए की कमाई कर लेता है.

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पार्क को बचाने की मांग की थी

राष्ट्रीय युवा शक्ति के अध्यक्ष उत्तम यादव ने बताया कि पार्क को बचाने के लिए हमने तत्कालीन मेयर से लेकर नगर आयुक्त को ज्ञापन सौंपा था. लेकिन किसी ने हमारी मांगों पर ध्यान नहीं दिया. आज पार्क की यह हालत हो गयी है कि यहां अब केवल फूलवाले ही दिखते हैं. हम नगर निगम से मांग करते हैं कि अगर वह खुद इस पार्क को नहीं चला सकता, तो इसे हमारे हवाले किया जाये. हम बेहतर तरीके से इस पार्क की देखरेख करेंगे.

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By Prabhat khabar news desk

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