झारखंड के विद्यार्थियों को नुकसान, राज्य के मेडिकल कॉलेजों की कम हो गयी सीटें

एमजीएम मेडिकल कॉलेज जमशेदपुर में एमबीबीएस की 100 सीटें थीं, जो अब घटकर 50 हो गयी हैं. वहीं, इस वर्ष भी शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज धनबाद की सीटें कम होगी.

रांची : नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) ने मंगलवार को देशभर के मेडिकल कॉलेजों में मौजूद एमबीबीएस सीटों की सूची जारी कर दी. पहले एमजीएम मेडिकल कॉलेज जमशेदपुर में एमबीबीएस की 100 सीटें थीं, जो अब घटकर 50 हो गयी हैं. वहीं, इस वर्ष भी शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज धनबाद (पूर्व में पीएमसीएच धनबाद) में 50 सीटों पर ही नामांकन होगा, जबकि पहले से यहां सीटें बढ़ाने की मांग की जा रही है.

इस तरह इस सत्र से राज्य को 50 सीटों का नुकसान होता नजर आ रहा है. झारखंड में मेडिकल सीटें कम होने से विद्यार्थियों की चिंता बढ़ गयी है. मेडिकल कॉलजों की तय सीटों पर मेडिकल काउंसेलिंग कमेटी (एमसीसी) बुधवार को पहले चरण की नेशनल काउंसेलिंग का सीट एलॉटमेंट करेगी.

पिछले वर्ष राज्य कोटा के लिए 83 सीटें थीं, इस बार सिर्फ 41 :

सत्र 2021-22 में एमजीएम जमशेदपुर में कुल 100 सीटों पर विद्यार्थियों का नामांकन हुआ था. इसमें से राज्य कोटा की 85% सीटों की संख्या 83, ऑल इंडिया कोटा 15% सीटों की संख्या 15 और सेंट्रल नॉमिनी सीटों की संख्या 02 थी. वहीं इस वर्ष कुल सीटें 50 हैं. इसमें से राज्य कोटा की सीटें 41, ऑल इंडिया कोटा की सीटें 07 और सेंट्रल नॉमिनी सीटें 02 हैं.

एमजीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ केएन सिंह ने कहा कि एनएमसी की टीम डेढ़ माह पहले कॉलेज का निरीक्षण कर चुकी है. लेकिन अब तक अतिरिक्त 50 सीटों को बढ़ाने के लिए कोई स्वीकृति नहीं मिली है. ऐसे में कॉलेज ने पूर्व निर्धारित 50 सीटों पर काउंसेलिंग प्रक्रिया शुरू की है. सीटों को स्वीकृति मिलने पर इसे काउंसेलिंग प्रक्रिया के दौरान लागू किया जायेगा.

धनबाद में 50 सीट बढ़ाने की मांग :

इस वर्ष यूजी नीट-22 में राज्य से कुल 15154 विद्यार्थी सफल हुए हैं. विद्यार्थियों की संख्या लगातार बढ़ रही है. इसे देखते हुए बीते वर्ष से राज्य की मेडिकल सीटों को बढ़ाने की मांग की जा रही है. शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज धनबाद अपनी तय 50 सीट को बढ़ाने को लेकर कई बार आवेदन कर चुका है. इसके बाद भी सीटें नहीं बढ़ीं.

सीट मैट्रिक्स में एमजीएम के 100 सीट की जानकारी है. सीट घटकर 50 हो गयी है, इसकी आधिकारिक सूचना नहीं है. विभागीय स्तर से सीट बढ़ाने का हरसंभव प्रयास किया जा रहा है.

अरुण कुमार सिंह, स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव

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By Sameer Oraon

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

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