रैक से प्रतिदिन खुलेआम कोयला चोरी के आगे सीसीएल प्रबंधन, सीआइएसएफ, पुलिस और रेलवे सुरक्षा कर्मी बेबस
By Prabhat Khabar News Desk | Updated at :
प्रतिनिधि, डकरा.
एनके एरिया के केडीएच रेलवे साइडिंग से निकलने वाले कोयला रैक से प्रतिदिन खुलेआम कोयला चोरी के आगे सीसीएल प्रबंधन, सीआइएसएफ, पुलिस और रेलवे सुरक्षा कर्मी बेबस हैं. मामले में एनके एरिया के एक बड़े अधिकारी ने अपना नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि दरअसल प्रबंधन ही नहीं चाहती है कि कोयला चोरी रुके. इसको समझने के लिए डकरा रेलवे साइडिंग में कोयला स्टॉक का बढ़ जाना और डकरा खदान का कोयला स्टॉक का शॉर्टेज होना, मोनेट वाशरी में लगे ट्रांसपोर्टिंग डंपरों का तय रूट से डायवर्ट होना, सभी मामले से चोरी का गहरा संबंध जुड़ा हुआ है. पूरे घटनाक्रम को जिस योजनाबद्ध तरीके से कराया जा रहा है और मामले का उजागर करने वाले पत्रकार के विरुद्ध षडयंत्र रचने की बात सामने आने लगी है, वह पूरी प्रबंधकीय व्यवस्था को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है. कोयला चोरी पर कार्रवाई की बात कहकर सीआइएसएफ अचानक खामोश हो गया. क्राइम देखने वाले बल के इंस्पेक्टर राजेश कुमार सरोज पत्रकारों का फोन रिसीव करना बंद कर दिये. सीसीएल प्रबंधन मामले में रेलवे, सीआइएसएफ और पुलिस से कोई पत्राचार नहीं कर रही है.
प्रतिदिन बेखौफ चोरी हो रही कोयला :
रैक से कोयला उतारते हुए लोगों की जब तस्वीर ली जा रही थी तो वे लोग आज भी कहने लगे कि रोज फोटो खींचिए लेकिन कुछ नहीं होगा. सबका हिसाब करके हमलोग यह काम कर रहे हैं. मामले में कोई भी प्रबंधन के जिम्मेदार अफसर कुछ बोलने को तैयार नहीं है.
सीआइएसएफ ने की है कारवाई : नितीश
एनके एरिया के सुरक्षा अधिकारी नितीश कुमार झा ने बताया कि सीआइएसएफ ने उन्हें बताया है कि दो दिन पहले कार्रवाई की गयी है. जब उन्हें आज की चोरी की सूचना दी गयी तो उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं हो सकता है. जब कहा गया कि कार्रवाई की तस्वीर उपलब्ध करा दिजीये तो कहा गया कि उन्होंने तस्वीर नहीं दी है.
डाला खोलकर उतारते हैं कोयला :
साइडिंग कर्मियों ने प्रभात खबर को बताया कि कभी-कभी डाला खोलकर कोयला उतार लिया जाता है. इस मामले को लेकर 15 दिन पूर्व सीआइएसएफ के साथ काफी विवाद भी हुआ था. इसके बाद सीआइएसएफ के क्यूआरटी टीम ने कार्रवाई की थी. इस संबंध में सीआइएसएफ का पक्ष नहीं मिल पाया है.
कमांडेंट ने नहीं दिया जवाब :
रैक से कोयला चोरी मामले में सीआइएसएफ का पक्ष जानने के लिए कमांडेंट कमलेश चौधरी को वाट्स एप पर लिख कर समय मांगा गया. लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया.
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