कार का नंबर स्कूटी पर लगाकर घूम रहा शख्स, मालिक को मिल रहे हेलमेट के चालान

रांची में एक बुजुर्ग की कार के नंबर का गलत इस्तेमाल कर स्कूटी सवार अज्ञात व्यक्ति हेलमेट का चालान कटवा रहा है. इस संबंध में परेशान बुजुर्ग ने मामले की शिकायत ट्रैफिक एसपी से की है.

रांची: जरा सोचिए, आपकी कार घर के बाहर खड़ी हो और उसी नंबर का हेलमेट चालान आपके मोबाइल पर पहुंच जाए. आप यह सोच-सोचकर हैरान रह जाएंगे कि आखिर जब कार सड़क पर निकली ही नहीं, तो हेलमेट नहीं पहनने का चालान कैसे कट गया. हालांकि रांची के अरगोड़ा स्थित नयाटोली से कुछ ऐसा ही मामला सामने आया है, जहां 69 वर्षीय सेवानिवृत्त स्टेशन अधीक्षक केदार नाथ प्रसाद को उनकी ही कार के नंबर से पिछले एक साल में चार बार हेलमेट नहीं पहनने का चालान नोटिस आया है.

इस संबंध में पीड़ित केदार नाथ ने आरोप लगाया है कि कोई अज्ञात व्यक्ति उनकी कार का नंबर स्कूटी पर लगाकर शहर में घूम रहा है, जिसके कारण यातायात विभाग के रिकॉर्ड में चालान उनकी कार के नाम पर दर्ज हो रहा है. केदार नाथ प्रसाद के अनुसार, हाल ही में दो अगस्त को उनके वाहन के नाम पर हेलमेट नहीं पहनने का चालान आया. इससे पहले 15 मई को भी इसी तरह का चालान भेजा गया था. इसके अलावा पिछले एक साल में दो बार और हेलमेट नहीं पहनने का चालान आ चुका है. उनका कहना है कि उनकी कार चारपहिया वाहन है, ऐसे में उसके नंबर पर दोपहिया वाहन चलाने के दौरान हेलमेट नहीं पहनने का चालान आना साफ तौर पर किसी दूसरे वाहन पर उनके नंबर के इस्तेमाल की ओर इशारा करता है.

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पहले भी रद्द करा चुके हैं चालान

केदार नाथ ने बताया कि पूर्व में आये चालानों को रद्द कराने के लिए उन्हें काफी दौड़-भाग करनी पड़ी थी. अब दोबारा चालान आने से उनकी परेशानी बढ़ गयी है. उन्होंने मामले को लेकर ट्रैफिक एसपी से शिकायत की है और संबंधित व्यक्ति की पहचान कर कार्रवाई करने की मांग की है.

कार का नंबर स्कूटी पर इस्तेमाल करने का आरोप

केदार नाथ का कहना है कि कोई अज्ञात व्यक्ति उनकी कार का नंबर स्कूटी पर लगाकर घूम रहा है. इसी वजह से स्कूटी से जुड़े यातायात उल्लंघन का चालान उनके वाहन के नंबर पर दर्ज हो रहा है. लगातार चालान आने के कारण उन्हें यह साबित करने के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है कि संबंधित समय पर उनकी कार से कोई नियम नहीं तोड़ा गया था. केदार नाथ प्रसाद रेलवे में स्टेशन अधीक्षक के पद से सेवानिवृत्त हैं. उन्होंने ट्रैफिक पुलिस से मामले की जांच कर वास्तविक वाहन और उसके चालक का पता लगाने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह के फर्जी चालान से उन्हें परेशानी न हो.

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By Rajesh kumar

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